आंध्र प्रदेश विवेका हत्याकांड में कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी ईडी के सामने पेश

आंध्र प्रदेश  विवेका हत्याकांड में कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी ईडी के सामने पेश
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाईएस विवेकानंद रेड्डी की 2019 में हुई हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन मामले में कडप्पा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए।

हैदराबाद, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाईएस विवेकानंद रेड्डी की 2019 में हुई हत्या से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन मामले में कडप्पा सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सांसद अविनाश रेड्डी केंद्रीय एजेंसी द्वारा जारी नोटिस के जवाब में हैदराबाद स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ की गई।

अविनाश रेड्डी से पूछताछ उनके पिता वाईएस भास्कर रेड्डी के ईडी के सामने पेश होने के एक दिन बाद हुई। ईडी इस मामले में हत्या के लिए कथित तौर पर 40 करोड़ रुपए की "सुपारी" और उससे जुड़े धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के आरोपों की जांच कर रही है।

ईडी विवेकानंद रेड्डी की हत्या से पहले और बाद में सभी आरोपियों द्वारा किए गए वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। इस मामले में कडप्पा सांसद अविनाश रेड्डी आठवें आरोपी (ए8) हैं, जबकि उनके पिता भास्कर रेड्डी छठे आरोपी (ए6) हैं। अविनाश रेड्डी, पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चचेरे भाई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी (वाईएसआर) के भाई और जगन मोहन रेड्डी के चाचा विवेकानंद रेड्डी की 15 मार्च 2019 को पुलिवेंदुला स्थित उनके घर में हत्या कर दी गई थी। यह घटना चुनाव से कुछ सप्ताह पहले हुई थी।

68 वर्षीय पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद विवेकानंद रेड्डी उस समय घर में अकेले थे, जब अज्ञात लोग उनके घर में घुसे और उनकी हत्या कर दी।

विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीथा रेड्डी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान कुछ रिश्तेदारों पर संदेह जताए जाने के बाद आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2020 में इस मामले की जांच अपने हाथ में ली थी।

जांच को तेज करते हुए सीबीआई ने 2023 में विवेकानंद रेड्डी के चचेरे भाई भास्कर रेड्डी और उनके करीबी उदय कुमार रेड्डी को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने 2021 में पहली चार्जशीट और 2022 तथा 2023 में पूरक चार्जशीट दाखिल की थीं। ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज मामले और उसकी चार्जशीट के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी।

अगस्त 2024 में ईडी ने इस मामले में एनफोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट दर्ज की थी। एजेंसी कथित 4 करोड़ रुपए के ट्रांसफर और आरोपी से सरकारी गवाह बने शेख दस्तागिरी को 1 करोड़ रुपए अग्रिम भुगतान किए जाने की जांच कर रही है।

सोमवार को हत्या मामले के पांचवें आरोपी (ए5) देविरेड्डी शिव शंकर रेड्डी भी ईडी के सामने पेश हुए थे। पिछले कुछ दिनों में केंद्रीय एजेंसी ने मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन के संबंध में येर्रा गंगी रेड्डी और अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की है।

ईडी ने हत्या की साजिश से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेनदेन की जांच के तहत उमा शंकर रेड्डी, सुनील यादव और शेख दस्तागिरी से भी पूछताछ की है।

दस्तागिरी का दावा है कि शिव शंकर रेड्डी ने हत्या के लिए 40 करोड़ रुपए देने का वादा किया था। पिछले महीने ईडी ने अविनाश रेड्डी, भास्कर रेड्डी और मामले के अन्य आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। ईडी ने अविनाश रेड्डी के परिसरों से 24 लाख रुपए की बेहिसाब नकदी भी बरामद की थी।

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Created On :   14 Oct 2026 4:44 PM IST

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