कर्नाटक पुलिस का प्रतिबंधित मांझा के खिलाफ एक्शन, महिला की मौत के बाद कार्रवाई तेज

बेंगलुरु, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस ने हुबली-धारवाड़ क्षेत्र में प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। यह कदम कारवार रोड पर एक 38 वर्षीय महिला की मौत के बाद उठाया गया है।
पुलिस ने दुकानों और गोदामों पर छापेमारी की है, मांझे का स्टॉक जब्त किया है और व्यापारियों को प्रतिबंधित सामग्री न बेचने की चेतावनी दी है।
गुरुवार को हुबली के कारवार रोड पर, 38 वर्षीय लैब टेक्नीशियन विद्या मंजूनाथ गौडर की मौत हो गई। मृतका, विद्या मंजूनाथ, शिवशंकर कॉलोनी के पास से गुजर रही थी, तभी उनके गले में मांझा फंस गया और उनका गला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
हुबली-धारवाड़ के पुलिस अधीक्षक भूषण बोरासे ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस ने पहले भी मांझे के खतरों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम चलाए थे, लेकिन लोगों ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया। इस ताजा घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है।
बोरासे ने कहा कि हमने तुरंत दो कदम उठाए हैं। हमने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां भी मांझा बेचा जा रहा हो, वहां मामला दर्ज करें। अब तक 12 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं और हमने काफी मात्रा में मांझा जब्त किया है। बेचने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि बिजली के खंभों और पेड़ों पर फंसी पतंगों के मांझे अक्सर हवा में लटके रह जाते हैं, जो सड़क पर चलने वालों, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और साइकिल सवारों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
पुलिस ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर नागरिक प्रशासन, सफाई कर्मचारियों और हुबली इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी के कर्मचारियों से इन खतरनाक धागों को हटाने में सहयोग मांगा है।
बोरासे ने कहा कि प्रशासन एक हफ्ते तक विशेष अभियान चलाएगा, जिसमें जहां भी पतंगें या लटकते मांझे मिलेंगे, उन्हें हटा दिया जाएगा, ताकि सड़क पर चलने वालों का खतरा कम हो सके।
उन्होंने जनता से अपील की कि अगर उन्हें कहीं खतरनाक तरीके से लटकता हुआ मांझा या प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल करके पतंग उड़ाते हुए कोई दिखे, तो वे 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन पर कॉल करके पुलिस को सूचित करें। पुलिस ऐसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
दूसरी ओर, इस प्रतिबंधित सामग्री की लगातार बिक्री और इस्तेमाल को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच, बेलगावी के पुलिस कमिश्नर के. रामराजन ने व्यापारियों को मांझा बेचने से मना किया है और लोगों से अपील की है कि वे पतंग उड़ाने के लिए इसका इस्तेमाल न करें।
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर को कर्नाटक के बेलगावी में 19 वर्षीय छात्र ध्रुव संतोष करजागी की मौत हो गई थी। वह मोटरसाइकिल चला रहा था, तभी पतंग की तेज धार वाली डोर उसके गले में लग गई।
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