कर्नाटक के सीएम ने मंत्री नागेंद्र का किया बचाव, भाजपा पर 'संवैधानिक संकट' पैदा करने का लगाया आरोप

कर्नाटक के सीएम ने मंत्री नागेंद्र का किया बचाव, भाजपा पर संवैधानिक संकट पैदा करने का लगाया आरोप
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को मंत्री बी. नागेंद्र का बचाव किया, जिन पर 'दाग' लगने के आरोप लगे हैं। साथ ही, उन्होंने विधान परिषद के चेयरमैन बसवराज होरट्टी के इस्तीफे से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

बेंगलुरु/नई दिल्ली, 10 अगस्त (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को मंत्री बी. नागेंद्र का बचाव किया, जिन पर 'दाग' लगने के आरोप लगे हैं। साथ ही, उन्होंने विधान परिषद के चेयरमैन बसवराज होरट्टी के इस्तीफे से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

नागेंद्र पर आदिवासी कल्याण घोटाले से जुड़े आरोपों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा, "इस देश में किस पर केस नहीं हैं? क्या केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और खुद डीके शिवकुमार ने जमानत नहीं ली थी? जो भी मंत्री बना, क्या उसे जमानत नहीं मिली?"

जब उनसे इस आरोप के बारे में पूछा गया कि नागेंद्र ने कैबिनेट मंत्री बनने के बाद कर्नाटक से बाहर यात्रा करके हाईकोर्ट की जमानत की शर्त का उल्लंघन किया है, तो शिवकुमार ने कहा, "मुझे कुछ नहीं पता। मेरे संज्ञान में कोई बात नहीं आई है। हमने आरोपों की बारीकी से जांच की है। उनके खिलाफ ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है कि उन्हें हमेशा जेल में ही रहना होगा। कानून है और हम कानूनी तरीके से इसका सामना करेंगे।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "विपक्षी पार्टी कुछ सुर्खियां बनाना चाहती है। उन्हें चर्चा करने दें।" दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ अपनी मुलाकातों पर मुख्यमंत्री ने कहा, "जब भी मैं यहां दिल्ली आता हूं, तो रणदीप सिंह सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल से मिलता हूं।"

मंत्री पद खाली होने के बारे में मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा, "केवल एक पद खाली है और बाकी सभी पद भरे जा चुके हैं। हमें वह पद किसी महिला को देना है और हम देंगे। ऐसी कोई जल्दबाजी नहीं है। हम इसे किसी महिला विधायक को ही देंगे।"

नए मंत्रियों को विभाग (पोर्टफोलियो) सौंपने में हुई देरी पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए शिवकुमार ने पूछा, "जब येदियुरप्पा सीएम बने थे, तो कैबिनेट का विस्तार होने से पहले वे काफी समय तक अकेले ही काम करते रहे थे। वे कितने दिनों तक बिना कैबिनेट के सरकार चलाते रहे?"

उन्होंने कहा, "मेरे कैबिनेट मंत्री जिलों में गए हैं और सूखे की स्थिति का जायजा लिया है। उन्होंने अच्छा काम किया है। हम कैबिनेट पोर्टफोलियो आवंटित करेंगे। मैं सत्र में इस पर जवाब दूंगा।"

कर्नाटक विधान परिषद के चेयरमैन पद को लेकर चल रहे विवाद पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी पार्टी के नेताओं और आलाकमान को यह तय करना है कि आगे क्या किया जाना चाहिए।"

सीएम शिवकुमार ने यह भी बताया कि कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता और एमएलसी सलीम अहमद को विधान परिषद के चेयरमैन पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

उन्होंने कहा कि बसवराज होरट्टी ने अपनी मर्जी से पद से इस्तीफा देने पर सहमति जताई थी और खुद ही अपना इस्तीफा सौंपा था।

शिवकुमार ने कहा, "इससे पहले, काउंसिल के चेयरमैन बसवराज होरट्टी हमारे पास आए थे और इस्तीफा देने पर सहमत हुए थे। इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था और उन्होंने मीडिया के सामने भी इस बात पर सहमति जताई थी। हालांकि, बाद में उन्होंने गवर्नर के पास शिकायत दर्ज कराई।"

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर आरोप लगाया, "विपक्षी पार्टी ने भी इस बारे में बयान दिया है। भाजपा संवैधानिक संकट पैदा कर रही है। वे गवर्नर के ऑफिस का गलत इस्तेमाल करने की तैयारी में हैं।"

सीएम शिवकुमार ने कहा, "मैंने और दूसरे नेताओं ने गवर्नर से मुलाकात की और उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में बताया। उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा सौंपा था, वर्ना हमारे नेताओं ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए अपने हस्ताक्षर दे दिए थे।"

शिवकुमार के मुताबिक, होरट्टी ने खुद ही संकेत दिया था कि अविश्वास प्रस्ताव की जरूरत नहीं है और उन्होंने अपनी मर्जी से इस्तीफा देने का फैसला किया।

शिवकुमार ने कहा, "उन्होंने कहा कि इसकी जरूरत नहीं है और वह अपनी मर्ज़ी से आए थे। वह खुद आए और इस्तीफा पत्र सौंपा। आखिरकार, उन्होंने अपना फैसला खुद लिया।"

होराट्टी के प्रति सहानुभूति जताते हुए शिवकुमार ने भाजपा नेताओं पर इस अनुभवी विधायक पर दबाव डालने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, "मुझे उनके लिए बुरा लग रहा है। भाजपा नेता एक बड़े नेता को परेशान कर रहे हैं। मैंने इस बारे में गवर्नर को बता दिया है।"

इस सवाल पर कि होराट्टी का इस्तीफा किसे सौंपा जाना चाहिए था, शिवकुमार ने कहा कि काउंसिल सचिवालय ने इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और इसकी सूचना भी जारी कर दी गई है।

उन्होंने कहा, "वे दावा कर रहे हैं कि इस्तीफा डिप्टी स्पीकर को दिया जाना चाहिए था। डिप्टी स्पीकर की गैर-मौजूदगी में इस्तीफा डिप्टी स्पीकर के दफ्तर में सौंपा गया और काउंसिल के सेक्रेटरी ने इसे स्वीकार कर लिया।"

शिवकुमार ने आगे कहा, "व्यक्ति महत्वपूर्ण नहीं है, पद महत्वपूर्ण है। इसे स्वीकार कर लिया गया है और इसकी सूचना भी प्रकाशित हो चुकी है।"

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   10 Aug 2026 1:44 PM IST

Tags

Next Story