लखनऊ में वकीलों के चैंबर तोड़े जाने पर हंगामा, सड़क पर बैठकर किया प्रदर्शन

लखनऊ, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को कई वकीलों ने नगर निगम द्वारा 200 से ज्यादा चैंबर तोड़े जाने के विरोध में सड़क पर धरना-प्रदर्शन किया। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी रविवार को ही मौके पर तोड़फोड़ करने पहुंचे थे। इसका वकीलों ने विरोध किया और सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। वकीलों की मांग है कि उन्हें प्रैक्टिस जारी रखने के लिए पहले कोई वैकल्पिक व्यवस्था दी जाए।
एडवोकेट बलराम जाखड़ ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "वे मनमानी कर रहे हैं। पहले हमें वैकल्पिक व्यवस्था दें और फिर चैंबरों को तोड़ें। कम से कम 2,000 वकील परेशान हैं। दिवाली इतना बड़ा त्योहार है, फिर भी हमें अंधेरे में रखा जा रहा है। यह सरकार ऐसे कैसे काम कर सकती है? यह गुंडों की तरह व्यवहार कर रही है। हमारे चैंबर हमारी आंखों के सामने छीने जा रहे हैं। हम इसे कैसे बर्दाश्त कर सकते हैं?"
वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिलने पर निराशा जताते हुए उन्होंने कहा, "वे (प्रशासन) केवल चैंबरों को तोड़ने के पीछे हैं और हमें विकल्प देने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। या तो हमें तोड़ दें या हमें जेल भेज दें, फिर हमारे चैंबरों को तोड़ दें, नहीं तो हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे।"
यह दावा करते हुए कि वकील तोड़फोड़ की अनुमति नहीं देंगे, बलराम जाखड़ ने कहा, "हम इसे रोकने के लिए जो भी करना पड़ेगा, करेंगे।"
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के अधिकारी और पुलिस प्रदर्शनकारी वकीलों को मौके से हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "वे हमें दबाने की कोशिश कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "अगर वे हमारे चैंबरों को तोड़ देंगे, तो हमें सड़कों पर प्रैक्टिस करनी पड़ेगी, इसलिए हम पहले ही सड़कों पर आ गए हैं।"
यह स्वीकार करते हुए कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश पर की जा रही है, वकील ने कहा, "हम कोर्ट के आदेशों का सम्मान करते हैं लेकिन इसका कोई रास्ता निकलना चाहिए था।"
उन्होंने कहा, "पूरी तरह से मनमानी हो रही है और कोई भी हमारी बात सुनने को तैयार नहीं है। हम वकील हैं, गुंडे या माफिया नहीं, जिन्हें इस तरह की यातना दी जा सके। हम समाज का एक महत्वपूर्ण वर्ग हैं जो लोगों को न्याय दिलाना सुनिश्चित करते हैं।"
इससे पहले उत्तर प्रदेश में सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर स्थित एक अवैध मस्जिद को तोड़े जाने को लेकर भी इसी तरह का विवाद खड़ा हुआ था। कोर्ट द्वारा मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज होने के बाद यह तोड़फोड़ की गई थी।
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