महाराष्ट्र ने केंद्र से सागरमाला 2.0 की परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का किया अनुरोध

महाराष्ट्र ने केंद्र से सागरमाला 2.0 की परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का किया अनुरोध
महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से सागरमाला 2.0 कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र की विभिन्न परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का अनुरोध किया।

नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह मंत्री नितेश राणे ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से सागरमाला 2.0 कार्यक्रम के तहत महाराष्ट्र की विभिन्न परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान नितेश राणे ने महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के तहत प्रस्तावित परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के समय पर लागू होने से बंदरगाह आधारित विकास को गति मिलेगी और राज्य के समुद्री ढांचे को मजबूती मिलेगी।

प्रस्तावित परियोजनाओं में मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों का आधुनिकीकरण, तटीय ढांचे का विकास, माल ढुलाई की बेहतर संपर्क व्यवस्था, तटीय जल परिवहन और अंतर्देशीय जलमार्गों को बढ़ावा देना और समुद्री पर्यटन का विस्तार करना शामिल है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, मंत्री नितेश राणे ने कहा कि इन परियोजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, निजी निवेश बढ़ेगा और महाराष्ट्र की तटीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

महाराष्ट्र समुद्री बोर्ड ने सागरमाला 2.0 के तहत पहले ही परियोजनाओं के विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिए हैं। मंत्री नितेश राणे ने कहा कि ये प्रस्ताव 'विकसित भारत 2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी देने का अनुरोध किया।

राज्य सरकार के प्रस्तावों में पांच प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। इनमें बंदरगाहों का आधुनिकीकरण और विस्तार, मत्स्य पालन से जुड़े बुनियादी ढांचे का विकास, तटीय संपर्क और माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूत करना, अंतर्देशीय जलमार्ग और जल परिवहन को बढ़ावा देना तथा समुद्री पर्यटन का विकास शामिल है।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के करीब 720 किलोमीटर लंबे समुद्री तट पर स्थित छोटे और मध्यम बंदरगाहों को आधुनिक बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य बंदरगाहों की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाना, मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों, जेट्टी और मछली उतारने वाले केंद्रों का आधुनिकीकरण करना तथा तटीय क्षेत्रों की आजीविका और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। प्रस्ताव में बंदरगाहों तक सड़क और रेल संपर्क बेहतर बनाने, तटीय जल परिवहन को औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने, पर्यावरण अनुकूल और विद्युत चालित जल परिवहन को बढ़ावा देने तथा तटीय क्रूज, यात्री टर्मिनल और समुद्र तट पर्यटन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करने की योजना भी शामिल है।

मंत्री नितेश राणे ने केंद्र सरकार से लगातार सहयोग मिलने का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों को जल्द मंजूरी मिलने से महाराष्ट्र के बंदरगाह ढांचे, मत्स्य पालन क्षेत्र और तटीय अर्थव्यवस्था को बड़ी मजबूती मिलेगी। साथ ही, देश के प्रमुख समुद्री केंद्र के रूप में राज्य की स्थिति भी और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार समुद्री बुनियादी ढांचे में रणनीतिक निवेश के जरिए टिकाऊ, समग्र और बंदरगाह आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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Created On :   29 July 2026 8:39 PM IST

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