दिल्ली जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर गोल्डन पाउडर जैसे पदार्थ के साथ पकड़ा गया शख्स

दिल्ली जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर गोल्डन पाउडर जैसे पदार्थ के साथ पकड़ा गया शख्स
दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर एक व्यक्ति को लगभग 155 ग्राम गोल्डन पाउडर जैसे पदार्थ के साथ पकड़ा गया। यह पदार्थ उसके बैग में रखे एक अंडरगारमेंट के अंदर छिपाकर रखा गया था।

नई दिल्ली, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर एक व्यक्ति को लगभग 155 ग्राम गोल्डन पाउडर जैसे पदार्थ के साथ पकड़ा गया। यह पदार्थ उसके बैग में रखे एक अंडरगारमेंट के अंदर छिपाकर रखा गया था।

बाद में बरामद पदार्थ की जांच नारकोटिक्स विभाग द्वारा कराई गई, जिसमें पाया गया कि यह कोई मादक या मन:प्रभावी पदार्थ नहीं है।

हालांकि, संबंधित व्यक्ति इस पदार्थ के स्वामित्व से जुड़े कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका और न ही उसके पास इसे रखने का संतोषजनक कारण था। इसके बाद उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 17 अक्टूबर की है, जब सीआईएसएफ कर्मियों ने मेट्रो स्टेशन पर सामान की जांच और तलाशी के दौरान उसे पकड़ा।

आरोपी की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खालापार का निवासी है। उसने अपना एक पता कुआलालंपुर, मलेशिया का भी बताया।

बैग की जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों को एक अंडरगारमेंट के अंदर छिपा हुआ सुनहरे पाउडर जैसा पदार्थ मिला। इसका वजन करीब 155 ग्राम बताया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में शोएब ने पुलिस को बताया कि वह मलेशिया में रहता है और वस्त्र उद्योग से जुड़ा हुआ है। उसने दावा किया कि उसकी पत्नी मलेशियाई नागरिक है और उसके दो बच्चे भी मलेशिया के नागरिक हैं।

उसने यह भी बताया कि वह 16 अक्टूबर को यह पदार्थ लेकर दिल्ली पहुंचा था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा हुआ था।

घटना वाले दिन वह लाजपत नगर जाने के लिए जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पहुंचा था, तभी सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ कर्मियों ने उसे रोक लिया।

शुरुआत में पुलिस को संदेह था कि बरामद पदार्थ कोई मादक या मन:प्रभावी पदार्थ हो सकता है। इसी कारण नारकोटिक्स विभाग से जांच कराई गई, लेकिन जांच में यह आशंका गलत साबित हुई।

मामले की जानकारी सीमा शुल्क (कस्टम्स) विभाग को भी दी गई थी, लेकिन विभाग ने यह कहते हुए कार्रवाई से इनकार कर दिया कि मामला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

पुलिस के मुताबिक, शोएब बरामद पदार्थ के स्वामित्व को साबित नहीं कर पाया और न ही उसके पास इसका कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण था। इसके चलते सुप्रीम कोर्ट मेट्रो पुलिस स्टेशन में उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई।

इससे पहले सीआईएसएफ कर्मियों ने बताया था कि एक्स-रे बैगेज स्क्रीनिंग के दौरान एक संदिग्ध और घनी वस्तु दिखाई देने पर शोएब कथित तौर पर वहां से भागने की कोशिश करने लगा था।

सुरक्षा कर्मियों को शक होने पर उन्होंने उससे पूछताछ करनी चाही, लेकिन वह स्क्रीनिंग क्षेत्र से निकलकर भागने लगा। सीआईएसएफ कर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए उसका पीछा किया और स्टेशन के निकास द्वार के पास उसे पकड़ लिया, इससे पहले कि वह परिसर से बाहर निकल पाता।

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Created On :   19 Oct 2026 10:07 PM IST

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