मणिपुर में हथियारों के बड़े जखीरे के साथ 50 किलो अफीम जब्त
इम्फाल, 14 जुलाई (आईएएनएस)। मणिपुर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग अभियानों में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। प्रतिबंधित संगठन प्रेपाक के एक खतरनाक उग्रवादी को गिरफ्तार किया है और लगभग 50 किलोग्राम संदिग्ध अफीम जब्त की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 3 करोड़ रुपए से ज्यादा बताई जा रही है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को मणिपुर पुलिस और 19 गढ़वाल राइफल्स की एक संयुक्त टीम ने चुराचांदपुर जिले के के. थेनजांग गांव के जंगल वाले इलाके में तलाशी अभियान के दौरान हथियार, विस्फोटक और युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सामान का एक बड़ा जखीरा बरामद किया। यह इलाका म्यांमार और मिजोरम की सीमाओं से लगा हुआ है।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि बरामद हथियारों और गोला-बारूद, जिनमें आधुनिक हथियार भी शामिल हैं, के बारे में विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है।
एक अन्य ऑपरेशन में, सुरक्षा बलों ने इम्फाल ईस्ट जिले के योराबुंग पंथोइबी लीकाई इलाके से प्रतिबंधित संगठन 'पीपल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक' (प्रेपाक) के एक खतरनाक उग्रवादी को गिरफ्तार किया। उसके पास से आठ शक्तिशाली हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए।
गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान इम्फाल ईस्ट जिले के रहने वाले निंगोमबम अमूथोई मेइतेई (30) के तौर पर हुई है।
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने इम्फाल-दीमापुर नेशनल हाईवे पर हेंगबुंग बैपटिस्ट चर्च के पास मिली एक लावारिस कार से लगभग 50 किलोग्राम वजन के संदिग्ध अफीम के 49 पैकेट बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, यह गाड़ी पहले सेनापति जिले के सेनापति पुलिस स्टेशन के तहत टी. खुलेन में नाका चेकिंग पॉइंट से बचकर तेजी से भाग गई थी। लावारिस गाड़ी से उखरुल जिले के रहने वाले जेड. रीथिंगम (52) के दस्तावेज भी बरामद हुए।
इस मामले में आगे की जांच चल रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब्त की गई अफीम की कीमत अवैध बाजार में 3 करोड़ रुपए से ज्यादा आंकी गई है।
शुरुआती जांच से पता चला है कि यह अवैध खेप पड़ोसी देश म्यांमार से आई थी, जिसकी मणिपुर के साथ लगभग 400 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा लगती है।
म्यांमार दुनिया में अफीम के प्रमुख उत्पादकों में से एक है, खासकर इसके उत्तरी इलाकों में, जिनमें काचिन और शान राज्य शामिल हैं।
यह ताजा जब्ती मणिपुर में पिछले कुछ महीनों से चल रहे म्यांमार-लिंक्ड ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई है।
इस बीच, केंद्र और राज्य के सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ अपनी व्यापक कार्रवाई जारी रखी है। राज्य भर के बाहरी इलाकों, मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों और अन्य संवेदनशील इलाकों में नियमित रूप से तलाशी अभियान और 'एरिया डोमिनेशन' (इलाके पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए गश्त) जैसी गतिविधियां चलाई जा रही हैं।
मणिपुर में उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही को रोकने के लिए घाटी और पहाड़ी, दोनों तरह के ज़िलों में कुल 111 नाके/चेकपोस्ट बनाए गए हैं।
सुरक्षा बल इम्फाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों समेत सभी गाड़ियों को सुरक्षा (एस्कॉर्ट) भी दे रहे हैं। गाड़ियों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही पक्की करने के लिए संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और काफिले की सुरक्षा जारी है।
मणिपुर पुलिस ने एक बार फिर लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों या बिना पुष्टि वाली जानकारी पर भरोसा न करें और सोशल मीडिया पर फैल रहे फर्जी वीडियो और गुमराह करने वाले कंटेंट से सावधान रहें।
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Created On :   14 July 2026 3:18 PM IST












