बांग्लादेश में लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च उठाने में असमर्थ रिपोर्ट

बांग्लादेश में लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च उठाने में असमर्थ रिपोर्ट
बांग्लादेश में लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। ब्लड प्रेशर की जांच, एक महीने की डायबिटीज की दवाइयां खरीदना या नजदीकी अस्पताल तक पहुंचने का खर्च भी कई परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन जाता है। ढाका स्थित समाचार पत्र 'द डेली स्टार' की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

नई दिल्ली, 1 नवंबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में लाखों लोग स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। ब्लड प्रेशर की जांच, एक महीने की डायबिटीज की दवाइयां खरीदना या नजदीकी अस्पताल तक पहुंचने का खर्च भी कई परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बन जाता है। ढाका स्थित समाचार पत्र 'द डेली स्टार' की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।

रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की 20 अक्टूबर को प्रकाशित एक नई रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में असमानता की गंभीर स्थिति उजागर की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, कोई व्यक्ति कहां रहता है, उसकी आय कितनी है और उसने कितनी शिक्षा हासिल की है, ये सभी कारक उसकी सेहत और इलाज की उपलब्धता को प्रभावित करते हैं।

बांग्लादेश में डायबिटीज, कैंसर और हृदय रोग जैसी बीमारियां कुल मौतों के लगभग 71 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार हैं। वहीं, विश्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, देश में स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले कुल खर्च का 79.31 प्रतिशत हिस्सा मरीजों को अपनी जेब से चुकाना पड़ता है।

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में दुनिया के विभिन्न देशों के भीतर स्वास्थ्य असमानताओं का अध्ययन किया गया है। इसमें बताया गया है कि वंचित समुदायों के लोगों को हृदय रोग, कैंसर, डायबिटीज और लंबे समय तक रहने वाली सांस संबंधी बीमारियों का अधिक जोखिम झेलना पड़ता है। इसके अलावा, इन समुदायों के लोगों को बीमारी की जांच, पहचान और इलाज कराने में भी अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, गरीब समुदायों के लिए बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की जांच और उपचार के कम अवसर मिलते हैं। वहीं, वंचित तबके की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की जांच कराने की संभावना भी कम होती है।

'द डेली स्टार' की रिपोर्ट में कहा गया है कि लोगों को बेहतर खानपान अपनाने, व्यायाम करने और नियमित रूप से डॉक्टर के पास जाने की सलाह देना पर्याप्त नहीं है। गरीबी और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान किए बिना इन चुनौतियों से नहीं निपटा जा सकता।

विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारियों की रोकथाम ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सस्ती और लगातार इलाज की सुविधा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। बांग्लादेश में इसके लिए ब्लड प्रेशर और डायबिटीज की जांच को अधिक सुलभ बनाने, जरूरी दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने और समुदायों के नजदीक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट में वित्तीय सुरक्षा को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया है, ताकि परिवारों को इलाज का खर्च उठाने के लिए भोजन, बच्चों की शिक्षा या घर की दूसरी जरूरी जरूरतों से समझौता न करना पड़े। स्वास्थ्य अधिकारियों को राष्ट्रीय औसत आंकड़ों से आगे बढ़कर यह भी पहचानना होगा कि किन समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, स्वस्थ बांग्लादेश की पहचान केवल नए अस्पतालों के निर्माण या जागरूकता अभियान चलाने से नहीं होगी। इसकी असली सफलता इस बात से तय होगी कि हर व्यक्ति को उसकी आय, शिक्षा और रहने के स्थान से परे बेहतर स्वास्थ्य और इलाज पाने का समान अवसर मिल सके।

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