कोलकाता आफताब अंसारी की जेल बैरक से मिले मोबाइल और इंटरनेट उपकरण, फोरेंसिक जांच शुरू
कोलकाता, 30 अगस्त (आईएएनएस)। कोलकाता के अमेरिकी केंद्र (अमेरिकन सेंटर) पर जनवरी 2002 में हुए हमले के मास्टरमाइंड आफताब अंसारी की प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम (जेल) की बैरक से बरामद मोबाइल फोन और अन्य इंटरनेट उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या आफताब अंसारी पाकिस्तान में किसी से फोन पर संपर्क करता था, न्यायिक हिरासत में रहते हुए कौन-सी साजिश रची जा रही थी और उससे मिलने कौन-कौन लोग आते थे।
अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि अंसारी फोन पर किन लोगों से बातचीत करता था। जासूसों का दावा है कि कुछ कॉल पाकिस्तान के एक नंबर पर की गई थीं।
सूत्रों के अनुसार, अंसारी के पास से बरामद मोबाइल फोन में व्हाट्सऐप और टेलीग्राम समेत कई ऐप मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल बातचीत के लिए किया जाता था। इस बीच, अंसारी की बैरक की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, जांच अधिकारी जेल के अंदर ही उससे पूछताछ कर रहे हैं। जांचकर्ता अब तक उससे मिलने आए लोगों की गतिविधियों की भी जांच कर रहे हैं। उन कैदियों की पहचान भी की जा रही है, जिनसे अंसारी बातचीत किया करता था, और उनसे पूछताछ की जा रही है।
जासूस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या वह किसी आतंकी संगठन के साथ मिलकर कोई साजिश रच रहा था या जेल से फरार होने की योजना बना रहा था।
बता दें कि शहर पुलिस के जासूसी विभाग (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) ने आफताब अंसारी की बैरक से सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन वाले तीन मोबाइल फोन और नकदी बरामद की थी।
आफताब अंसारी कभी आतंकवादी संगठन 'आसिफ रजा कमांडो' का संचालक रहा है। इस संगठन के पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी और जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रहे हैं। फिलहाल वह दक्षिण कोलकाता स्थित प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
हाल ही में डिटेक्टिव विभाग को जानकारी मिली थी कि प्रेसिडेंसी जेल में अंसारी की बैरक से दिन में कई बार मोबाइल फोन के जरिए बातचीत की जा रही थी। इसके बाद पुलिस की जासूसी शाखा ने उसकी बैरक में अचानक छापेमारी और तलाशी अभियान चलाया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "उसके कपड़ों और बिस्तर से तीन मोबाइल फोन, दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन बरामद किए गए। इसके अलावा उसके पास से 31,000 रुपए नकद भी मिले, जो सभी 500 रुपए के नोटों में थे। अब इस बात की जांच की जा रही है कि उम्रकैद की सजा काट रहे एक कुख्यात आतंकवादी की बैरक तक ये सामान कैसे पहुंचा।"
उन्होंने बताया कि यह छापेमारी और तलाशी अभियान शुक्रवार रात को चलाया गया था।
इस मामले में स्थानीय हेस्टिंग्स पुलिस स्टेशन में पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है और जांच शुरू कर दी गई है।
जांच अधिकारियों ने जेल अधिकारियों और कर्मचारियों की संभावित भूमिका से भी इनकार नहीं किया है।
फिलहाल, जांच का मुख्य केंद्र उन लोगों और स्थानों का पता लगाना है, जिनसे आफताब अंसारी इन उपकरणों के जरिए संपर्क में था।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   30 Aug 2026 6:37 PM IST












