मध्य प्रदेश ओबीसी छात्रों के लिए 10,000 रुपए की मासिक छात्रवृत्ति, गांधी मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ीं

मध्य प्रदेश  ओबीसी छात्रों के लिए 10,000 रुपए की मासिक छात्रवृत्ति, गांधी मेडिकल कॉलेज में पीजी सीटें बढ़ीं
पिछड़े वर्गों के छात्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने छात्रवृत्ति की राशि में ऐतिहासिक वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

भोपाल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। पिछड़े वर्गों के छात्रों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से लिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में, मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने छात्रवृत्ति की राशि में ऐतिहासिक वृद्धि को मंजूरी दे दी है।

दिल्ली में उच्च शिक्षा हासिल कर रहे पिछड़े वर्गों के छात्रों को अब हर महीने 10,000 रुपए मिलेंगे, जो पहले मिलने वाली 1,550 रुपए की रकम से काफी ज्यादा है। इस बदली हुई आर्थिक मदद से हर साल सौ नए छात्रों को फायदा होगा; इनमें अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स करने वाले छात्रों की संख्या बराबर होगी। शर्त यह है कि वे पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए तय योग्यता और अपने माता-पिता की आमदनी से जुड़े नियमों को पूरा करते हों।

एक प्रेस रिलीज में बताया गया है कि शिक्षा से जुड़ी मदद के अलावा, राज्य सरकार ने 26,800 करोड़ रुपए से ज्यादा की एक बड़ी विकास योजना पर काम करने का भी फैसला किया है।

भोपाल और रीवा के मेडिकल कॉलेजों के लिए नए प्रशासनिक मंज़ूरी मिलने से स्वास्थ्य सुविधाओं को भी काफी बढ़ावा मिला है।

भोपाल में मौजूद गांधी मेडिकल कॉलेज को पोस्टग्रेजुएट सीटों की संख्या बढ़ाने और बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट जैसी खास यूनिट बनाने के लिए लगभग 80 करोड़ रुपए मिलेंगे।

वहीं, रिलीज में बताया गया है कि रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के विस्तार के लिए 175 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे पूरे राज्य में अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने पर सरकार का जोर और भी मजबूत हुआ है।

इस कुल फंड का एक बड़ा हिस्सा, जो 26,311 करोड़ रुपए का है, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दिया गया है। यह पैसा अगले पांच सालों में होने वाले निर्माण और मरम्मत के कामों पर खर्च किया जाएगा। इस पैसे का इस्तेमाल सड़कों की मरम्मत, डिविजनल ऑफिस बनाने और जमीन खरीदने के लिए मुआवजा देने जैसे कामों में किया जाएगा, ताकि 2031 तक राज्य की बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा सके।

मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में, खास आर्थिक इंतजामों के जरिए गांवों और समाज की कुछ जरूरी जरूरतों पर भी ध्यान दिया गया। 155.82 करोड़ रुपए की लागत वाली 'लखुंदर हाई प्रेशर माइक्रो इरिगेशन प्रोजेक्ट' को मंज़ूरी दी गई। इस प्रोजेक्ट से शाजापुर और उज्जैन जिलों के 24 गांवों में 9,200 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा, 38,901 आंगनवाड़ी केंद्रों में बिजली पहुंचाने के लिए 80.41 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। इससे यह पक्का होगा कि बच्चों को एक आरामदायक माहौल में पंखे, कूलर और पढ़ाई के लिए स्मार्ट साधन मिल सकें।

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Created On :   28 April 2026 11:37 PM IST

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