ऐतिहासिक मिशन आर्टेमिस II संपन्न, अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर सुरक्षित लैंडिंग

ऐतिहासिक मिशन आर्टेमिस II संपन्न, अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर सुरक्षित लैंडिंग
नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह अंतरिक्ष की गहराई से खोज में मानवता की वापसी की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री- रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल थे। ये सभी 10 दिन की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर गए।

वाशिंगटन, 11 अप्रैल (आईएएनएस)। नासा का आर्टेमिस II मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह अंतरिक्ष की गहराई से खोज में मानवता की वापसी की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री- रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन शामिल थे। ये सभी 10 दिन की ऐतिहासिक यात्रा पूरी करने के बाद ओरियन अंतरिक्ष यान के जरिए सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर गए।

नासा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “रीड, विक्टर, क्रिस्टीना और जेरेमी का स्वागत है! आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री रात 8:07 बजे (ईटी) सुरक्षित रूप से समुद्र में उतर गए हैं। इसके साथ ही उनकी 10 दिन की ऐतिहासिक चंद्र यात्रा समाप्त हो गई।”

इससे पहले एक अन्य पोस्ट में, एजेंसी ने अंतरिक्ष यान के नीचे उतरने की प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए कहा, "ओरियन का मुख्य पैराशूट खुल गया है। अंतरिक्ष यान में 11 पैराशूट का एक सिस्टम है, जो इसे लगभग 300 मील प्रति घंटे की गति से धीमा करके 20 मील प्रति घंटे की गति पर ले आएगा, ताकि यह सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर उतर सके।"

पृथ्वी पर लौटने से पहले नासा ने जानकारी दी थी कि लगभग 6 लाख 90 हजार मील की लंबी यात्रा पूरी करने के बाद यह दल पृथ्वी के करीब पहुंच रहा है।

यह मिशन दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि पांच दशक से अधिक समय बाद इंसान ने पृथ्वी की निचली कक्षा से आगे गहरे अंतरिक्ष में कदम रखा है। नासा के अनुसार, इस यात्रा में अंतरिक्ष यात्री अब तक की सबसे अधिक दूरी तक गए, जो भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए रास्ता तैयार करेगी।

इस मिशन के दौरान, चालक दल ने पृथ्वी से 248,655 मील की यात्रा करके एक नया दूरी का रिकॉर्ड बनाया और अंततः अपने सबसे दूर के बिंदु पर लगभग 252,756 मील की दूरी तक पहुंचे। इस तरह उन्होंने अपोलो 13 मिशन का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।

अधिकारियों ने बताया कि इस मिशन को विशेष रूप से इस तरह से डिजाइन किया गया था, ताकि गहरे अंतरिक्ष के वातावरण में स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन अंतरिक्ष यान का कठोर परीक्षण किया जा सके, और वह भी तब जब उसमें अंतरिक्ष यात्री सवार हों। चंद्रमा के पास से गुजरना इस परीक्षण का अहम हिस्सा था, जिससे भविष्य के मिशनों की तैयारी को परखा जा सके।

नासा की अधिकारी डॉ. लॉरी ग्लेज ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि एजेंसी लगातार नई सीमाओं को पार करने के लिए काम कर रही है। वहीं, अंतरिक्ष यात्री हैनसेन ने कहा कि यह मिशन पुराने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और यात्रियों की विरासत को सम्मान देता है और खोज के एक नए दौर की शुरुआत करता है।

आर्टेमिस II मिशन को नासा के उस बड़े लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसमें चंद्रमा पर लंबे समय तक इंसानों की मौजूदगी सुनिश्चित करनी है। यह मिशन आने वाले और भी बड़े अंतरिक्ष अभियानों की नींव तैयार करता है।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   11 April 2026 7:21 AM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story