बेंगलुरु में एनसीबी-पुलिस की कार्रवाई ड्रग्स और अवैध प्रवास के शक में 5 विदेशी हिरासत में
बेंगलुरु, 7 सितंबर (आईएएनएस)। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की बेंगलुरु जोनल यूनिट ने बेंगलुरु सिटी पुलिस के साथ मिलकर पांच विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है। इन पर ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का शक है और ये शहर में गैर-कानूनी रूप से रह रहे थे। सोमवार को जारी आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
यह कार्रवाई सितंबर 2026 के पहले पखवाड़े में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत की गई। यह अभियान बेंगलुरु में विदेशी नागरिकों के उन ठिकानों के बारे में मिली खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया, जिनके कथित तौर पर ड्रग्स की तस्करी से जुड़े होने की आशंका थी।
यह ऑपरेशन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ईस्ट) और व्हाइटफील्ड के साथ मिलकर चलाया गया, जिसमें एनसीबी और पुलिस टीमों ने अपने-अपने इलाकों में जांच की।
ऑपरेशन के दौरान, कृष्णराजपुरा और कम्मनाहल्ली इलाकों में अलग-अलग देशों के पांच विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया।
एनसीबी के मुताबिक, खुफिया जानकारी मिलने के बाद इन लोगों पर गुप्त रूप से नजर रखी जा रही थी।
निगरानी से पता चला कि वे किसी वैध बिजनेस, नौकरी, या पढ़ाई-लिखाई से जुड़े नहीं थे और उन पर ड्रग्स से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने का शक था।
आगे की जांच में उनकी पहचान पक्की हुई, जबकि एनसीबी ने कहा कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला।
हालांकि, वे भारत में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे थे और बाद में उन्हें संबंधित पुलिस को सौंप दिया गया, ताकि 'फॉरेनर्स एक्ट' के तहत जरूरी कार्रवाई की जा सके और कानून के अनुसार उन्हें देश से वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
एनसीबी ने कहा कि इस ऑपरेशन से विदेशी नागरिकों को रहने की जगह देने वाले मकान-मालिकों की जिम्मेदारियों पर भी रोशनी पड़ी।
'फॉरेनर्स एक्ट, 1946' की धारा 7 के तहत, मकान-मालिकों के लिए जरूरी है कि वे विदेशी किराएदारों को रहने की जगह देने के 24 घंटे के अंदर पुलिस या 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस' (एफआरआरओ) को 'फॉर्म-सी' के जरिए उनकी जानकारी दें।
एनसीबी ने बताया कि इस नियम का पालन न करने पर एक्ट की धारा 14 के तहत पांच साल तक की जेल हो सकती है।
यह ताजा ऑपरेशन एनसीबी की उन कोशिशों का हिस्सा है, जिनके तहत ड्रग तस्करी में शामिल होने के शक वाले और भारत में गैर-कानूनी रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करके उन्हें वापस भेजा जा रहा है।
एनसीबी ने बताया कि इस ताजा ऑपरेशन के अलावा, बेंगलुरु जोनल यूनिट की मिली-जुली कोशिशों से 2026 में गैर-कानूनी रूप से रहने और ड्रग तस्करी की गतिविधियों में शामिल होने के शक के आधार पर आठ विदेशी नागरिकों—सात अफ्रीकी और एक यमनी नागरिक—को पहले ही वापस भेजा जा चुका है।
एनसीबी ने नागरिकों से अपील की कि वे ड्रग-मुक्त भारत बनाने की कोशिशों में अधिकारियों का सहयोग करें और लोगों से कहा कि वे नशीले पदार्थों की बिक्री, ट्रांसपोर्ट या व्यापार के बारे में जानकारी टोल-फ्री नंबर '1933' पर 'मानस–नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन' के जरिए दें।
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Created On :   7 Sept 2026 10:51 PM IST












