अमेरिका से तनाव के बीच भारत को रणनीतिक विकल्प के तौर पर देख रहा इजरायल रिपोर्ट
जेरूसलम, 12 जुलाई (आईएएनएस)। हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के साथ नए रिश्ते और गठजोड़ बनाने की बात कही। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि अमेरिका के साथ तनावपूर्ण रिश्तों के बीच इजरायल की बदलती रणनीति और भारत के साथ रक्षा सहयोग के बढ़ते महत्व की ओर इशारा करता है।
हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, "आपको नए सहयोगी बनाने होंगे और नए रिश्ते विकसित करने होंगे। मैं अभी भारत के साथ यही कर रहा हूं।"
जेरूसलम टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान ऐसे समय आया है जब इजराइल और अमेरिका के रिश्तों में तनाव की खबरें सामने आ रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू से साफ शब्दों में कहा कि अब उनका धैर्य खत्म हो चुका है, लोग उनसे थक चुके हैं और इजरायल का अस्तित्व काफी हद तक अमेरिका के समर्थन पर टिका है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सार्वजनिक रूप से कहा कि अमेरिका ही इजरायल का एकमात्र सच्चा सहयोगी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर इस बात का जवाब नहीं दिया जाता, तो ऐसा माना जाता कि इजरायल की दुनिया में अपनी कोई स्वतंत्र पहचान नहीं है।
इसी के जवाब में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के 'भारत जैसे दूसरे दोस्त भी हैं।'
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का जिक्र सिर्फ दोस्ती दिखाने के लिए नहीं था, बल्कि उस धारणा का जवाब था जिसमें इजरायल को पूरी तरह अमेरिका पर निर्भर बताया गया था। अगर भारत के साथ मजबूत रिश्ते सच में मौजूद हैं, तभी यह जवाब असरदार माना जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब किसी देश के नेता की रणनीतिक स्थिति पर सवाल उठता है, तो वह सिर्फ औपचारिक बातें नहीं करता, बल्कि ऐसे उदाहरण देता है जो उसकी बात को साबित करें। इसी वजह से भारत का जिक्र सिर्फ भावनात्मक नहीं, बल्कि इस बात का सबूत माना गया कि इजरायल अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय दूसरे भरोसेमंद साझेदार भी बना रहा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत और इजरायल के बीच रक्षा क्षेत्र में चल रही बातचीत इस बयान को और ज्यादा अहम बनाती है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल फिलहाल हथियारों के उत्पादन की क्षमता से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स भारत की निजी कंपनियों के साथ मिलकर आयरन डोम में इस्तेमाल होने वाली तामिर इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन की व्यवस्था भारत में शुरू करने पर बातचीत कर रही है। यह सिर्फ तकनीक साझा करने की बात नहीं है, बल्कि उन्हीं मिसाइलों के निर्माण की योजना है जिनका इस्तेमाल इजरायल रोज होने वाले रॉकेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों से बचाव के लिए करता है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत इजरायल की एक बड़ी जरूरत पूरी कर सकता है। भारत के पास बड़े पैमाने पर उत्पादन करने की क्षमता, मजबूत मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क और बड़ी कार्यबल है, जिससे दोनों देश मिलकर रक्षा उपकरणों का उत्पादन कर सकते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की एक खास बात यह है कि वह रक्षा सहयोग के बदले किसी देश की विदेश नीति या क्षेत्रीय रणनीति पर शर्तें नहीं थोपता। साथ ही, भारत ने कई दशकों से अमेरिका, रूस, खाड़ी देशों और ईरान सभी के साथ एक साथ रिश्ते बनाए रखे हैं। इसलिए भारत, इजरायल के साथ रक्षा साझेदारी कर सकता है, बिना किसी एक गुट का हिस्सा बने। इजरायल को ऐसा साझेदार मिल सकता है जिसके साथ सहयोग करने पर उसे नई राजनीतिक शर्तों या दबावों का सामना न करना पड़े। रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में इस तरह का संतुलित और स्वतंत्र साझेदार मिलना काफी दुर्लभ माना जाता है।
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Created On :   12 July 2026 11:12 PM IST












