ब्रिटेन के प्रतिबंध से नाराज उत्तर कोरिया ने लंदन में राजनयिक मिशन का दर्जा घटाया
सोल, 1 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर कोरिया ने ब्रिटेन के खिलाफ राजनयिक कदम उठाते हुए लंदन स्थित अपने राजनयिक मिशन का दर्जा घटा दिया है। प्योंगयांग ने यह फैसला ब्रिटेन द्वारा उत्तर कोरिया के एक बाल शिविर पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में किया है।
ब्रिटेन ने इस शिविर के रूस के साथ मिलकर यूक्रेनी बच्चों को जबरन विस्थापित किए जाने और उन्हें वैचारिक रूप से प्रभावित करने से जुड़े होने का संदेह जताया है।
उत्तर कोरिया के विदेश मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में ब्रिटेन के फैसले को ‘राजनीतिक रूप से उकसावे वाली कार्रवाई’ करार देते हुए इसे प्योंगयांग की ओर से ‘राजनयिक जवाब’ बताया।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, घोषणा में कहा गया है कि राजदूत मुन म्योंग-सिन को वापस बुला लिया गया है और उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उनकी जगह 'चार्ज डी अफेयर्स' (कार्यवाहक प्रमुख) लंदन में मिशन के कार्यवाहक प्रमुख के तौर पर काम करेंगे।
प्योंगयांग ने ब्रिटेन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि लंदन उसके बच्चों के शिविर को यूक्रेनी बच्चों के ‘जबरन विस्थापन’ के एक कथित और आधारहीन मामले से जोड़कर उत्तर कोरिया की छवि खराब करने की कोशिश कर रहा है। उत्तर कोरिया ने यह भी आरोप लगाया कि ब्रिटेन का कदम रूस के साथ उसके संबंधों को कमजोर करने की कोशिश है।
सोंगडोवन इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स कैंप की स्थापना 1960 में हुई थी। उत्तर कोरिया में यह शिविर लंबे समय से युवाओं के बीच सरकार के प्रति निष्ठा और आधिकारिक विचारधारा को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल होता रहा है।
जुलाई में, चीन और रूस के बच्चे भी पूर्वी तटीय शहर वोंसान में स्थित इस कैंप में शामिल हुए। यह तीनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों का संकेत था।
रविवार को सरकारी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर कोरिया ने वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व में फेरबदल करते हुए अपने रक्षा मंत्री को बदल दिया है।
उत्तर कोरिया की कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, उत्तर कोरिया की कोरियन पीपल्स आर्मी के जनरल पॉलिटिकल ब्यूरो के निदेशक किम सोंग-गी को देश का नया रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है। उन्होंने नो क्वांग-चोल की जगह ली है।
नो को रक्षा मंत्री और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के पद से हटा दिया गया और वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (डब्ल्यूपीके) की केंद्रीय समिति के आयुध उद्योग विभाग का पहला उप-निदेशक नियुक्त किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस फेरबदल का फैसला पिछले दिन हुई नौवीं डब्ल्यूपीके सेंट्रल मिलिट्री कमीशन की दूसरी बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता नेता किम जोंग-उन ने की थी।
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Created On :   1 Sept 2026 6:05 PM IST












