भारतीय अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना, उद्योगों के लिए सुनहरा दौर इंडस्ट्री

भारतीय अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना, उद्योगों के लिए सुनहरा दौर इंडस्ट्री
भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने पर इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईसीईएम) के अध्यक्ष और जेसीबी इंडिया सीईओ और एमडी दीपक शेट्टी ने कहा कि यह भारतीय उद्योगों के लिए सुनहरा दौर है। अब तक हमारी अर्थव्यवस्था सर्विसेज सेक्टर के दम पर बढ़ती थी, लेकिन अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान भी बढ़ रहा है।

नई दिल्ली, 1 सितंबर (आईएएनएस)। भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ने पर इंडियन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईसीईएम) के अध्यक्ष और जेसीबी इंडिया सीईओ और एमडी दीपक शेट्टी ने कहा कि यह भारतीय उद्योगों के लिए सुनहरा दौर है। अब तक हमारी अर्थव्यवस्था सर्विसेज सेक्टर के दम पर बढ़ती थी, लेकिन अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का योगदान भी बढ़ रहा है।

भारत की अर्थव्यवस्था की तेज विकास दर पर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए शेट्टी ने कहा कि मैं आत्मनिर्भर भारत का बड़ा समर्थक रहा हूं और मुझे लगता है कि यह समय भारतीय उद्योगों के लिए सुनहरा दौर है। अब तक देश की अर्थव्यवस्था सर्विसेज सेक्टर के दम पर आगे बढ़ती थी, लेकिन अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर भी आगे बढ़कर योगदान दे रहा है।

शेट्टी ने कहा कि हमें उच्च विकास दर के इस आंकड़े का जश्न मनाना चाहिए, क्योंकि यह ऐसे समय पर आए हैं, जब भू-राजनीतिक तनाव के कारण छोटी अवधि में काफी सारी चुनौतियां पैदा हो गई हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हम कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट क्षेत्र में कार्य करते हैं और यह देश की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ का बेहतरीन उदाहरण है। पिछले साल हमारा निर्यात करीब 31.5 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले पांच वर्षों में हमारी वृद्धि दर सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत की रही है।

शेट्टी ने आगे बताया कि अगर आप इस साल के बजट को देखें, तो इसमें सिर्फ सड़क में निवेश ही नहीं, बल्कि जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और रेलवे सेक्टर के लिए भी बजट बढ़ाया गया है। इससे आगे चलकर कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की मांग भी बढ़ेगी।

इसके अलावा, मार्केट एक्सपर्ट सुनिल शाह ने कहा कि अर्थव्यवस्था का वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में तेजी से ग्रोथ करना बड़ी उपलब्धि है। यह ऐसे समय पर हुआ है, जब मध्य पूर्व तनाव के कारण कच्चा तेल 65 डॉलर प्रति बैरल से 110 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था, जिससे विकास दर के अनुमान को कम करके आंका जा रहा था।

वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है। यह पिछले साल की समान अवधि की विकास दर 6.9 प्रतिशत से 0.9 प्रतिशत ज्यादा है।

यह आरबीआई के अनुमान से भी ज्यादा है। अगस्त की शुरुआती में मौद्रिक नीति कमेटी (एमपीसी) के फैसलों के ऐलान के दौरान आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 7 प्रतिशत बताया था।

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Created On :   1 Sept 2026 6:05 PM IST

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