अरुणाचल प्रदेश देश के सबसे खूबसूरत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक सीएम खांडू

अरुणाचल प्रदेश देश के सबसे खूबसूरत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक सीएम खांडू
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर के उल्लेखनीय परिवर्तन पर प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक समय उग्रवाद, अल्पविकास और अलगाव के नजरिए से देखा जाने वाला यह क्षेत्र अब भारत की विकास गाथा के एक प्रमुख चालक के रूप में उभर रहा है।

नई दिल्ली/इटानगर, 1 मई (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शुक्रवार को पिछले एक दशक में पूर्वोत्तर के उल्लेखनीय परिवर्तन पर प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने कहा कि एक समय उग्रवाद, अल्पविकास और अलगाव के नजरिए से देखा जाने वाला यह क्षेत्र अब भारत की विकास गाथा के एक प्रमुख चालक के रूप में उभर रहा है।

खांडू ने पूर्वोत्तर को देश के विकास एजेंडे के केंद्र में रखने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया और कहा कि निरंतर नीतिगत ध्यान, बुनियादी ढांचे के विस्तार और बेहतर कनेक्टिविटी ने इस क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को नया रूप दिया है।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पूर्वोत्तर के नियमित दौरों ने जमीनी स्तर पर मुद्दों की पहचान करने और समय पर समाधान सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे विकास में तेजी आई है।

नई दिल्ली में आयोजित आइजैक सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी (आईसीपीपी) ग्रोथ कॉन्फ्रेंस 2026 में नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और विचारकों की एक सभा को संबोधित करते हुए खांडू ने अरुणाचल प्रदेश को देश के सबसे खूबसूरत और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक बताया, जो पूर्वोत्तर में सबसे बड़ा होने के साथ-साथ इस क्षेत्र का सबसे पूर्वी और सबसे उत्तरी राज्य भी है।

मुख्यमंत्री ने संक्षिप्त ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य प्रदान करते हुए राज्य के विकास का वर्णन किया, जिसमें उत्तर पूर्वी सीमांत एजेंसी (एनईएफए) से 1972 में केंद्र शासित प्रदेश बनना और अंततः 1987 में पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त करना शामिल है। उन्होंने राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता पर प्रकाश डाला, जिसमें 26 प्रमुख जनजातियां और सौ से अधिक उप-जनजातियां शामिल हैं, और यह भी बताया कि हिंदी एक महत्वपूर्ण संपर्क भाषा के रूप में कार्य करती है जो विभिन्न समुदायों के लोगों को एकजुट करती है।

अरुणाचल प्रदेश की विशाल प्राकृतिक और आर्थिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य को जलविद्युत उत्पादन के मामले में 'भारत का पावरहाउस' बताया। उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 19,000 मेगावाट की कुल क्षमता वाली जलविद्युत परियोजनाएं वर्तमान में विकास के विभिन्न चरणों में हैं, जिनका दीर्घकालिक लक्ष्य 2047 तक 40,000 मेगावाट का लक्ष्य हासिल करना है, जो एक विकसित भारत की परिकल्पना में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   1 May 2026 10:22 PM IST

Tags

और पढ़ेंकम पढ़ें
Next Story