एनएसई के आईपीओ की तैयारी तेज, शेयरधारकों से 27 अप्रैल तक मांगी प्रतिक्रिया
मुंबई, 30 मार्च (आईएएनएस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने लंबे समय से लंबित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत एक्सचेंज ने मौजूदा शेयरधारकों से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की है कि वे ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, निवेशकों को भेजे गए एक संदेश में एक्सचेंज ने उन शेयरधारकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) मांगा है, जो प्रस्तावित पब्लिक इश्यू के तहत अपने कुछ या सभी शेयर बेचना चाहते हैं। यह एनएसई के आईपीओ की दिशा में एक औपचारिक और अहम कदम माना जा रहा है, जिस पर कई वर्षों से विचार किया जा रहा था।
इस प्रक्रिया के तहत एक्सचेंज ने ईओआई फॉर्म और संबंधित दस्तावेज भी साझा किए हैं, जिनमें ओएफएस के जरिए भाग लेने की शर्तें और ढांचा बताया गया है। जो शेयरधारक इसमें हिस्सा लेना चाहते हैं, वे तय शर्तों के अनुसार अपने पूरे या कुछ शेयर बेच सकते हैं।
इसके अलावा, निवेशकों से कहा गया है कि वे 27 अप्रैल शाम 5 बजे तक अपनी प्रतिक्रिया जमा करें, जिसमें वे आईपीओ में भाग लेने की अपनी इच्छा जाहिर करें।
संदेश में कहा गया है, "एक शेयरधारक के रूप में आप अपनी होल्डिंग के कुछ या सभी इक्विटी शेयर आईपीओ में बिक्री के लिए पेश कर सकते हैं, जो ओएफएस नोटिस में दी गई शर्तों के अधीन होगा।"
इस कदम से यह संकेत मिलता है कि एनएसई के लिस्टिंग प्लान में फिर से तेजी आई है और एक्सचेंज आईपीओ से पहले संभावित विक्रेता शेयरधारकों की पहचान कर रहा है।
इससे पहले एनएसई ने इस इश्यू को मैनेज करने के लिए 20 मर्चेंट बैंकर नियुक्त किए थे, जो भारत में किसी भी पब्लिक इश्यू के लिए अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
इस सूची में कोटक महिंद्रा कैपिटल, एसबीआई कैपिटल मार्केट्स, जेपी मॉर्गन और सिटीग्रुप जैसे बड़े निवेश बैंक शामिल हैं।
इसके अलावा, एक्सचेंज ने आठ लॉ फर्म्स को भी नियुक्त किया है, जिनमें घरेलू फर्म सिरिल अमरचंद मंगलदास, ट्राइलीगल और अमेरिका की लैथम एंड वाटकिंस शामिल हैं। अन्य मध्यस्थों में आईपीओ सर्विस फर्म एमयूएफजी इंटाइम और कंसल्टेंसी फर्म रेडसीर भी शामिल हैं।
इससे पहले 2025 में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के आईपीओ में 18 बुक रनर शामिल थे, जो उस समय भारत का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था।
एनएसई को अपने आईपीओ के लिए जनवरी में सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) से मंजूरी मिल चुकी है। उस समय एनएसई के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती ने कहा था कि यह कंपनी की ग्रोथ यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है और इससे सभी हितधारकों के लिए वैल्यू क्रिएशन का नया अध्याय शुरू होगा।
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Created On :   30 March 2026 3:49 PM IST










