मध्य प्रदेश पन्ना में मजदूरों की चमकी किस्मत, मिला 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा

मध्य प्रदेश पन्ना में मजदूरों की चमकी किस्मत, मिला 16.96 कैरेट का बेशकीमती हीरा
मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपने हीरों को लेकर चर्चा में है। यहां सात मजदूरों की किस्मत उस समय चमक गई, जब उन्हें सरकोहा गांव की एक उथली खदान में करीब 16.96 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला।

पन्ना, 11 अगस्त (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश का पन्ना जिला एक बार फिर अपने हीरों को लेकर चर्चा में है। यहां सात मजदूरों की किस्मत उस समय चमक गई, जब उन्हें सरकोहा गांव की एक उथली खदान में करीब 16.96 कैरेट का उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला।

इस हीरे की कीमत 30 लाख से 50 लाख रुपए के बीच आंकी जा रही है। इस खोज के बाद मजदूरों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है।

लीजहोल्डर अखिलेश पाल ने बताया कि सोमवार शाम हाल की बारिश के बाद वह अपने पिता के खेत के पास स्थित पुरानी उथली खदान का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें यह हीरा मिला। अखिलेश पाल चाय बेचने के साथ-साथ खेती भी करते हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में सात साथियों के साथ मिलकर इस खदान की लीज ली थी।

हालांकि, लंबे समय तक मेहनत के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर उन्होंने खदान में काम करना बंद कर दिया था, लेकिन अखिलेश पाल किस्मत आजमाते रहे। हीरा मिलने के बाद उन्होंने इसकी जानकारी अपने सभी साझेदारों को दी, ताकि इससे मिलने वाली राशि सभी में बराबर बांटी जा सके।

जिला हीरा कार्यालय के सूत्रों ने पुष्टि की कि अखिलेश पाल के पास वर्ष 2024 में इस खदान की वैध लीज थी। उन्हें मिट्टी में चमकता हुआ पत्थर दिखाई दिया, जिसे पहचानकर उन्होंने नियमों के अनुसार पन्ना के सरकारी हीरा कार्यालय में जमा करा दिया।

अब इस हीरे की सरकारी नीलामी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, पर्याप्त संख्या में हीरे जमा होने के बाद संभवतः नवंबर में नीलामी आयोजित की जाएगी।

अखिलेश पाल को उम्मीद है कि इस हीरे की कीमत एक करोड़ रुपए तक मिल सकती है। अधिकारियों का अनुमान है कि इसकी कीमत 30 लाख से 50 लाख रुपए के बीच रहेगी।

इस खोज ने उनके सभी साथियों में नई उम्मीद जगा दी है। इनमें से कई लोग लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।

साझेदारों में शामिल संतोष, शर्मन और अरुण की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण 30 वर्ष की उम्र पार करने के बावजूद शादी नहीं हो पाई है। अब उन्हें उम्मीद है कि नीलामी से मिलने वाली राशि उनके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।

मजदूरों का कहना है कि वे अपने हिस्से की रकम से कच्चे घरों की जगह पक्के मकान बनाएंगे और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाएंगे।

नियमों के अनुसार, हीरे की नीलामी से प्राप्त राशि में से रॉयल्टी और अन्य शुल्क काटे जाएंगे। इसके बाद बची हुई रकम सातों साझेदारों में बराबर बांटी जाएगी।

पन्ना भारत में हीरों की खदानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां स्थानीय लोग अक्सर जिला हीरा कार्यालय से लीज लेकर खेतों के आसपास या छोटी उथली खदानों में खुदाई करते हैं। कई बार उन्हें ऐसे कीमती हीरे मिल जाते हैं, जो उनकी किस्मत बदल देते हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   11 Aug 2026 11:10 PM IST

Tags

Next Story