सोनिया गांधी की आत्मकथा पर भाजपा ने साधा निशाना, कहा-किताब में कई बातें देशहित में नहीं

सोनिया गांधी की आत्मकथा पर भाजपा ने साधा निशाना, कहा-किताब में कई बातें देशहित में नहीं
कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आधारित किताब को पेंगुइन इंडिया द्वारा प्रकाशित न किए जाने के फैसले पर तमिलनाडु भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपथी ने मंगलवार को कहा कि किताब में लिखी गई कई बातें सही नहीं थीं और देश के हित में भी नहीं थीं।

चेन्नई, 1 सितंबर (आईएएनएस)। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर आधारित किताब को पेंगुइन इंडिया द्वारा प्रकाशित न किए जाने के फैसले पर तमिलनाडु भाजपा के मुख्य प्रवक्ता नारायणन तिरुपथी ने मंगलवार को कहा कि किताब में लिखी गई कई बातें सही नहीं थीं और देश के हित में भी नहीं थीं।

भाजपा नेता ने कहा कि प्रकाशकों ने किताब की सामग्री की तथ्य-जांच (फैक्ट-चेक) की होगी और अपने निष्कर्षों के आधार पर उस पर आपत्ति जताई होगी।

आईएएनएस से बातचीत में नारायणन तिरुपथी ने कहा, "उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि किताब में कई बातें ऐसी थीं जो सही नहीं थीं, देश के हित में नहीं थीं और तथ्यों पर आधारित नहीं थीं। आमतौर पर कोई भी प्रकाशक ऐसे दावों की जांच करता है क्योंकि जो कुछ भी प्रकाशित होता है, उसकी जिम्मेदारी उसी की होती है। इसलिए जाहिर है कि उन्होंने तथ्यों की जांच की होगी। फैक्ट-चेकिंग की गई होगी और इसी वजह से उन्होंने उस पर आपत्ति जताई।"

उन्होंने कहा, "अगर उन्होंने तथ्यों पर आपत्ति जताई है, तो उन्हें हटाने का साहस भी होना चाहिए। वे ऐसा किसी राजनीतिक कारण से नहीं कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने किताब प्रकाशित करने से इनकार कर दिया।"

इससे पहले, 28 अगस्त को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने स्पष्ट किया था कि वह भारत में सोनिया गांधी की आगामी आत्मकथा प्रकाशित नहीं कर रहा है।

यह बयान उन खबरों के बीच आया था जिनमें कहा गया था कि प्रकाशक ने इसलिए पीछे हटने का फैसला किया क्योंकि सोनिया गांधी ने कथित तौर पर "संपादकीय" बदलाव स्वीकार करने से इनकार कर दिया था।

कंपनी ने अपने बयान में कहा, "पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया, ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (सोनिया गांधी की आत्मकथा) का भारत में प्रकाशक नहीं है। यह कहना सही नहीं है कि हमने किताब इसलिए प्रकाशित नहीं की क्योंकि लेखक ने संपादकीय बदलाव स्वीकार नहीं किए।"

हालांकि, प्रकाशक ने यह भी माना कि वह इस किताब को प्रकाशित करने का इच्छुक था। कंपनी ने कहा कि लेखकों द्वारा किए गए दावों की तथ्य-जांच करना और आवश्यक सुझाव देना उसकी जिम्मेदारी है, खासकर जब किताब की सामग्री को लेकर चर्चा हो।

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया के हटने के बाद, भारत के कई प्रकाशक इस किताब के प्रकाशन अधिकार हासिल करने की दौड़ में बताए जा रहे हैं। खबरों के अनुसार, हार्परकॉलीन्स भारत में इस किताब को प्रकाशित और वितरित करने के लिए समझौते के करीब है।

इस बीच, अल्फ्रेड ए. नॉप्फ, जो अमेरिका का एक प्रमुख प्रकाशन संस्थान है और पेंगुइन रैंडम हाउस का ही एक प्रकाशन ब्रांड (इम्प्रिंट) है, ने घोषणा की है कि सोनिया गांधी की आत्मकथा 10 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

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Created On :   1 Sept 2026 5:24 PM IST

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