राम मंदिर मामला 'दोषियों को भगवान राम सजा देंगे', बोले वी. सोमन्ना; प्रियंक खड़गे ने पीएम मोदी और योगी से मांगा जवाब
बेंगलुरु, 27 जून (आईएएनएस)। अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दान में कथित गबन के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय जल शक्ति एवं रेल राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा कि भगवान राम के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों को स्वयं भगवान राम सजा देंगे, वहीं कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले पर जवाब देने की मांग की है।
दावणगेरे में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री वी. सोमन्ना ने कहा, "जिस किसी ने भी गलत किया है, उसने गलत किया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। भगवान के नाम पर इस तरह का कृत्य करना पाप है। भगवान राम उनके नाम पर धोखाधड़ी करने वालों को दंड देंगे।"
वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धालुओं से एकत्र किए गए दान के उपयोग को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले की व्यापक जांच कर सच्चाई देश के सामने लाई जानी चाहिए।
खड़गे ने कहा, "जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्र किए गए दान का उपयोग किस प्रकार किया गया। सार्वजनिक योगदान के इस्तेमाल में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि इन आरोपों पर पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से प्रतिक्रिया देना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है।
खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश सरकार से मामले पर स्पष्टीकरण जारी करने तथा निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे लोगों का विश्वास बना रहेगा।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक दान के उपयोग में जवाबदेही और पारदर्शिता बनी रहे, ताकि लोगों का भरोसा कायम रहे।"
प्रियंक खड़गे ने आरोप लगाया, "मैं पहले भी कह चुका हूं कि भाजपा धोखाधड़ी कर रही है। पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये की लूट हुई है। मैंने पहले भी कहा था कि भगवान राम के नाम पर भाजपा लोगों के साथ धोखा कर रही है। इस मामले में बड़े लोगों की भी भूमिका है।"
गौरतलब है कि अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामला श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में दिए गए नकद दान और बहुमूल्य वस्तुओं के कथित दुरुपयोग से जुड़ा है। मंदिर में प्राप्त दान के प्रबंधन में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने जांच की मांग की थी, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया।
एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर दान की गणना और प्रबंधन से जुड़े कर्मचारियों सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। उन पर आपराधिक विश्वासघात और मंदिर के दान में गबन करने के आरोप लगाए गए हैं।
विवाद के बीच ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पदों से इस्तीफा देने की जानकारी दी है, हालांकि मामले की जांच अभी जारी है।
इस प्रकरण को लेकर विपक्षी दल सार्वजनिक दान के उपयोग में अधिक पारदर्शिता और कुछ दल उच्चतम न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि मामले की जांच विधिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
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Created On :   27 Jun 2026 8:13 PM IST












