मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं आरबीआई गवर्नर
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को स्पष्ट किया कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में ब्याज दरों में कटौती की कोई संभावना नहीं है। केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख बदलते हुए 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' यानी 'संतुलित सख्ती' अपनाने का फैसला किया है।
तीन दिवसीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आगे की नीतिगत कार्रवाई या तो रेपो रेट में बढ़ोतरी हो सकती है या फिर यथास्थिति बनाए रखी जा सकती है। दरों में कटौती फिलहाल विकल्पों में शामिल नहीं है।
मल्होत्रा ने कहा कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का चक्र कितना लंबा चलेगा और इसकी सीमा क्या होगी, यह आने वाले समय में वृद्धि और महंगाई के वास्तविक आंकड़ों, अंतर्निहित मुद्रास्फीति, मूल्य दबावों के विस्तार तथा आपूर्ति झटकों के प्रभाव पर निर्भर करेगा।
उन्होंने बताया कि आरबीआई को उम्मीद है कि अगली तीन तिमाहियों में औसत सीपीआई मुद्रास्फीति लगभग 5.8 प्रतिशत रहेगी। इसके अलावा चालू वित्त वर्ष के लिए कोर मुद्रास्फीति करीब 4.94 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है।
आरबीआई ने मौद्रिक नीति में बदलाव के तहत स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) दर को 5.25 प्रतिशत तथा मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) दर और बैंक रेट को 5.75 प्रतिशत कर दिया है।
गवर्नर ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बावजूद मजबूत बनी हुई है। उनके अनुसार निजी खपत में मजबूती बरकरार है और विवेकाधीन खर्च इसका समर्थन कर रहे हैं। वहीं स्थायी निवेश भी कई आर्थिक संकेतकों के आधार पर मजबूत दिखाई दे रहा है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि गैर-टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं और घरेलू हवाई यात्री यातायात जैसे कुछ क्षेत्रों में कमजोरी के संकेत देखने को मिले हैं।
आरबीआई के अनुसार, सेवा क्षेत्र की गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और घरेलू तथा वैश्विक मांग से इसे समर्थन मिल रहा है। दूसरी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई और सर्विसेज पीएमआई दोनों विस्तार क्षेत्र में बने रहे, जिससे आर्थिक गतिविधियों की निरंतर मजबूती का संकेत मिलता है।
मौद्रिक नीति समिति ने व्यापक आर्थिक और वित्तीय परिस्थितियों की समीक्षा के बाद सर्वसम्मति से रेपो रेट में 25 आधार अंकों की वृद्धि करते हुए इसे 5.50 प्रतिशत करने का फैसला किया।
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Created On :   7 Oct 2026 11:46 AM IST












