'सांचे दरबार की जय' में ध्यानू भगत का किरदार निभाकर खुश हैं मितांश यादव, बोले- 'खुद को खुशकिस्मत मानता हूं'

सांचे दरबार की जय में ध्यानू भगत का किरदार निभाकर खुश हैं मितांश यादव, बोले- खुद को खुशकिस्मत मानता हूं
मां ज्वाला के परम भक्त ध्यानू भगत की भक्ति और आस्था की कहानी अब छोटे पर्दे पर दिखाई जा रही है। मेकर्स ने दीपावली के खास मौके पर नए धार्मिक-सामाजिक शो 'सांचे दरबार की जय... ध्यानू भगत की अमर कहानी' की शुरुआत की है। यह शो ध्यानू भगत की उस ऐतिहासिक कहानी पर आधारित है, जिनकी मां ज्वाला के प्रति अटूट श्रद्धा आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उनकी भक्ति से जुड़ा लोकप्रिय जयकारा 'सांचे दरबार की जय' आज भी जागरण और माता की चौकियों में सुनाई देता है।

मुंबई, 4 नवंबर (आईएएनएस)। मां ज्वाला के परम भक्त ध्यानू भगत की भक्ति और आस्था की कहानी अब छोटे पर्दे पर दिखाई जा रही है। मेकर्स ने दीपावली के खास मौके पर नए धार्मिक-सामाजिक शो 'सांचे दरबार की जय... ध्यानू भगत की अमर कहानी' की शुरुआत की है। यह शो ध्यानू भगत की उस ऐतिहासिक कहानी पर आधारित है, जिनकी मां ज्वाला के प्रति अटूट श्रद्धा आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उनकी भक्ति से जुड़ा लोकप्रिय जयकारा 'सांचे दरबार की जय' आज भी जागरण और माता की चौकियों में सुनाई देता है।

शो में ध्यानू भगत का किरदार मितांश यादव निभा रहे हैं। अपने किरदार को लेकर उन्होंने खुशी जाहिर की। मितांश ने कहा, ''मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मुझे यह किरदार निभाने का मौका मिला। मुझे पहले से ही भक्ति करना और मंत्रों का जाप करना पसंद है, इसलिए इस शो का हिस्सा बनकर मुझे बहुत अच्छा लगा। इस कहानी के जरिए हम असली ध्यानू जी को श्रद्धांजलि दे रहे हैं, जिनकी भक्ति से जागरण, जयकारे और माता की आराधना जैसी परंपराओं को प्रेरणा मिली।''

उन्होंने आगे कहा, ''हालांकि, बहुत कम लोग उनकी असली कहानी और मां ज्वाला के साथ उनके खास रिश्ते के बारे में जानते हैं। मुझे खुशी है कि दंगल की टीम ने मुझ पर भरोसा जताया और मुझे इतने प्रतिष्ठित किरदार को निभाने का मौका दिया।''

वहीं, शो में नंद बाबा की भूमिका निभा रहे अभिनेता राजेश दुबे ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, ''हमें ऐसा लगता है कि इस कहानी को पर्दे पर लाने के लिए खुद मां ज्वाला ने हमें चुना है। इस शो के जरिए हमें भक्ति, प्रेम और ईश्वर के प्रति समर्पण का असली अर्थ समझने का मौका मिला है। आमतौर पर मुझे नेगेटिव या कॉमेडी किरदारों के ऑफर मिलते हैं, इसलिए जब मुझसे इस भूमिका के लिए संपर्क किया गया तो मैं हैरान रह गया।''

राजेश ने कहा, ''मुझे पूरी कहानी महज 10 मिनट में सुनाई गई थी, लेकिन इसे सुनकर मैं अपने आंसू नहीं रोक पाया। मेरा मानना है कि यह सब मां ज्वाला के आशीर्वाद से पहले से तय था और मुझे इस कहानी का हिस्सा बनने का अवसर मिला।''

एंटर10 टीवी नेटवर्क के डायरेक्टर अक्षत सिंघल ने शो को लेकर कहा, ''दंगल टीवी हमेशा से ऐसी कहानियां पेश करता रहा है, जो दर्शकों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें प्रेरित भी करती हैं। हमें दीपावली के शुभ अवसर पर 'सांचे दरबार की जय... ध्यानू भगत की अमर कहानी' पेश करते हुए खुशी हो रही है। यह एक धार्मिक-सामाजिक शो है, जो शांति और एकता का संदेश देता है।''

उन्होंने आगे कहा, ''इस कहानी के केंद्र में एक बच्चे की मासूम आस्था है, जिसका ईश्वर के प्रति प्रेम डर, ताकत और भेदभाव जैसी चीजों को चुनौती देता है। यह कहानी याद दिलाती है कि सबसे बड़ा चमत्कार इंसान के दिल में प्रेम और इंसानियत का जागना है। इस शो के जरिए हम दर्शकों के दिलों तक पहुंचना चाहते हैं और उन्हें करुणा व उम्मीद जैसे मूल्यों से जोड़ना चाहते हैं।''

'सांचे दरबार की जय... ध्यानू भगत की अमर कहानी' शो 2 नवंबर से दंगल टीवी पर प्रसारित हो रहा है।

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