पत्नी की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा पर लगाई रोक, आरोपी को जमानत

पत्नी की हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद की सजा पर लगाई रोक, आरोपी को जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक दोषी की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित अपील पर निकट भविष्य में सुनवाई की संभावना नहीं है।

नई दिल्ली, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे एक दोषी की सजा पर रोक लगाते हुए उसे जमानत दे दी है। अदालत ने कहा कि मामला पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित अपील पर निकट भविष्य में सुनवाई की संभावना नहीं है।

न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ शिवेंद्र द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी सजा निलंबित करने की मांग खारिज कर दी गई थी।

शिवेंद्र को ट्रायल कोर्ट ने सह-आरोपी के साथ पत्नी की हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसने हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल कर दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 389(1) के तहत सजा स्थगित करने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया था।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले के तथ्यों पर गौर करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।

पीठ ने कहा, “हम इस तथ्य पर ध्यान देते हैं कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका है।”

अदालत ने यह भी माना कि याचिकाकर्ता करीब आठ साल जेल में बिता चुका है। साथ ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित मामलों की स्थिति पर भी टिप्पणी की।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिलहाल हाईकोर्ट वर्ष 2013 और 2014 की आपराधिक अपीलों पर अंतिम सुनवाई कर रहा है, जबकि याचिकाकर्ता की अपील वर्ष 2018 की है। ऐसे में उसकी सुनवाई आने तक आरोपी को तीन से चार साल और जेल में रहना पड़ सकता है।

पीठ ने कहा, “मामले के समग्र दृष्टिकोण को देखते हुए हम याचिकाकर्ता के पक्ष में विवेकाधिकार का प्रयोग करने के लिए तैयार हैं।”

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा पर रोक लगाते हुए आरोपी को ट्रायल कोर्ट द्वारा तय शर्तों के अधीन जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यह राहत मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित आपराधिक अपील के अंतिम निस्तारण तक प्रभावी रहेगी।

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Created On :   28 April 2026 5:57 PM IST

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