सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, घटनाओं की रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए

सेबी ने प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा, घटनाओं की रिपोर्टिंग को मजबूत करने के लिए दो पोर्टल लॉन्च किए
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने सोमवार को प्रतिभूति बाजार के पूरे इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा, साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग और जानकारी साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दो नई पहल की घोषणा की।

नई दिल्ली, 17 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने सोमवार को प्रतिभूति बाजार के पूरे इकोसिस्टम में साइबर सुरक्षा, साइबर घटनाओं की रिपोर्टिंग और जानकारी साझा करने की व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से दो नई पहल की घोषणा की।

साइबर डिफेंस पर आयोजित सेबी के एक सेमिनार को संबोधित करते हुए पांडे ने कहा कि साइबर खतरे संगठनात्मक और नियामकीय सीमाओं से परे होते हैं और इनका असर आपस में जुड़े संस्थानों, यहां तक कि राष्ट्रीय सीमाओं के पार भी हो सकता है।

प्रतिभूति बाजार में साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के प्रयासों के तहत सेबी ने संशोधित इंसिडेंट रिपोर्टिंग पोर्टल और नया साइबर सुरक्षा पोर्टल लॉन्च किया है।

पांडे ने कहा कि किसी एक संगठन से शुरू होने वाली साइबर घटना वेंडरों, टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म, थर्ड पार्टी या अन्य जुड़े संस्थानों के जरिए फैल सकती है। इसलिए साइबर रेजिलिएंस को केवल अलग-अलग संगठनों के स्तर पर ही नहीं, बल्कि पूरे वित्तीय इकोसिस्टम में मजबूत करने की जरूरत है।

संशोधित सेबी इंसिडेंट रिपोर्टिंग पोर्टल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा संबंधी घटनाओं की रिपोर्टिंग को अधिक व्यवस्थित, समयबद्ध और उपयोगी बनाना है। यह पोर्टल वित्तीय स्थिरता बोर्ड (एफएसबी) के लिए घटना रिपोर्टिंग एक्सचेंज प्रारूप (फायर)के अनुरूप है। इसका उद्देश्य घटना रिपोर्टिंग में अधिक एकरूपता लाना और सीमा-पार रिपोर्टिंग में आने वाली दिक्कतों को कम करना है।

दूसरी पहल, साइबर सुरक्षा पोर्टल , हितधारकों के बीच साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए एक केंद्रीय मंच के रूप में काम करेगा। इसके माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी, कमजोरियों से संबंधित चेतावनियां, नीतिगत उपाय और साइबर घटनाओं से मिले अनुभव साझा किए जा सकेंगे।

पांडे ने कहा कि ये केवल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म नहीं हैं। इनकी प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि संस्थान इनका इस्तेमाल सूचना साझा करने, घटनाओं से सीखने और तेजी से प्रतिक्रिया देने के लिए कितनी प्रभावी तरीके से करते हैं।

उन्होंने कहा कि किसी एक संस्थान पर हुए साइबर हमले से मिली सीख दूसरे संस्थानों की सुरक्षा में मदद करनी चाहिए। इसी तरह नियामकों या विभिन्न देशों द्वारा विकसित प्रभावी साइबर सुरक्षा उपाय पूरे वित्तीय इकोसिस्टम के लिए काम कर सकते हैं।

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Created On :   17 Aug 2026 9:15 PM IST

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