अगवा दक्षिण कोरियाई नागरिकों की वापसी के लिए उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार राष्ट्रपति ली

अगवा दक्षिण कोरियाई नागरिकों की वापसी के लिए उत्तर कोरिया से बातचीत को तैयार राष्ट्रपति ली
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया से संवाद के जरिए दशकों पुराने मामले का समाधान तलाशने का संकल्प लिया है। ली ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया द्वारा अपहृत दक्षिण कोरियाई नागरिकों के मुद्दे को बातचीत और सहयोग के जरिए सुलझाने का प्रयास करेगी।

सोल, 28 जून (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने उत्तर कोरिया से संवाद के जरिए दशकों पुराने मामले का समाधान तलाशने का संकल्प लिया है। ली ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार 1950-53 के कोरियाई युद्ध के दौरान उत्तर कोरिया द्वारा अपहृत दक्षिण कोरियाई नागरिकों के मुद्दे को बातचीत और सहयोग के जरिए सुलझाने का प्रयास करेगी।

सोल के उत्तर स्थित पाजू में आयोजित कोरियाई युद्ध अपहृत नागरिक स्मृति दिवस कार्यक्रम में उप एकीकरण मंत्री किम नाम-जुंग ने राष्ट्रपति ली का संदेश पढ़ते हुए कहा, “सरकार अपहृत नागरिकों के मुद्दे को इतिहास में दबने नहीं देगी।”

योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, ली ने कहा कि सरकार संवाद और सहयोग के माध्यम से इस समस्या के व्यावहारिक समाधान के लिए लगातार प्रयास करेगी।

उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया में 70 वर्षों से अधिक समय से रह रहे अपहृत नागरिकों के परिवारों का दर्द समझा जा सकता है। उन्होंने उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच जारी “शत्रुता और टकराव” को “शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व” में बदलने की प्रतिबद्धता जताई।

यह कार्यक्रम 2024 के अंत में कानून के तहत 28 जून को वार्षिक रूप से मनाए जाने वाले स्मृति दिवस की स्थापना के बाद दूसरी बार आयोजित किया गया। इसमें उप एकीकरण मंत्री, अपहृत नागरिकों के परिवारों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों समेत करीब 300 लोग शामिल हुए।

इससे पहले शुक्रवार को दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्री चुंग डोंग-यंग ने उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के समाधान के लिए केवल परमाणु निरस्त्रीकरण को एकमात्र शर्त मानने वाले दृष्टिकोण में बदलाव की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में परमाणु वार्ता में प्रगति नहीं होने से उत्तर कोरिया को अपनी परमाणु और हथियार क्षमताएं बढ़ाने का अवसर मिला है।

चुंग ने कहा कि शांति व्यवस्था की चर्चा केवल उत्तर कोरिया के परमाणु मुद्दे के समाधान के बाद ही हो सकती है, इस पुरानी सोच से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने चरणबद्ध और व्यावहारिक समाधान अपनाने की बात कही।

उन्होंने प्रस्ताव दिया कि परमाणु मुद्दे के समाधान के लिए प्रक्रिया तीन चरणों में आगे बढ़ सकती है—पहले परमाणु कार्यक्रम को रोकना, फिर उसे कम करना और अंत में निरस्त्रीकरण करना।

चुंग ने कहा, " इस प्रक्रिया की शुरुआत अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत से होनी चाहिए। 2018 के सिंगापुर शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों को आपसी शत्रुता खत्म करने और नए संबंध स्थापित करने के लिए वार्ता फिर शुरू करनी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि अमेरिका-उत्तर कोरिया संवाद की बहाली से अमेरिका, चीन और दोनों कोरियाई देशों के बीच चार-पक्षीय वार्ता का रास्ता खुल सकता है, जो कोरियाई प्रायद्वीप में स्थायी शांति स्थापित करने में मददगार होगी।

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Created On :   28 Jun 2026 2:48 PM IST

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