गुजरात के 3 जिलों ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम, कृषि विकास योजना में मिला सम्मान

गुजरात के 3 जिलों ने राष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम, कृषि विकास योजना में मिला सम्मान
गुजरात के कच्छ, दाहोद और छोटा उदयपुर जिलों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इनमें कच्छ को बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण के लिए सम्मानित किया गया, जबकि आदिवासी बहुल दाहोद और छोटा उदयपुर को सिंचाई ढांचे में सुधार के लिए पुरस्कार दिया गया।

गांधीनगर, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के कच्छ, दाहोद और छोटा उदयपुर जिलों को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। इनमें कच्छ को बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण के लिए सम्मानित किया गया, जबकि आदिवासी बहुल दाहोद और छोटा उदयपुर को सिंचाई ढांचे में सुधार के लिए पुरस्कार दिया गया।

ये पुरस्कार सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित समारोह में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदान किए। यह कार्यक्रम योजना के एक वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कच्छ, दाहोद और छोटा उदयपुर के जिला प्रशासन तथा कृषि विभाग के अधिकारियों को इस उपलब्धि पर बधाई दी।

ये पुरस्कार विशेष रूप से इस बात को रेखांकित करते हैं कि सिंचाई ढांचे में सुधार से कृषि उत्पादकता बढ़ाने में कितनी मदद मिलती है, खासकर दाहोद और छोटा उदयपुर जैसे पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में।

राज्य सरकार के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा सिंचाई क्षमता बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और किसानों को पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के प्रयासों से खेती के लिए पानी की उपलब्धता में सुधार हुआ है। इससे कृषि उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिली है।

कच्छ जिले को बेहतर प्रशासन और सेवा वितरण के लिए सम्मानित किया गया, जबकि दाहोद और छोटा उदयपुर को सिंचाई बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पुरस्कार मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 अक्टूबर 2025 को इस योजना की शुरुआत की थी। यह योजना देश के उन 100 कृषि आकांक्षी जिलों को कवर करती है, जिनमें कृषि विकास की संभावनाएं तो हैं, लेकिन वे उत्पादकता और आर्थिक विकास के मामले में पिछड़े हुए हैं।

इन जिलों में अपेक्षाकृत कम कृषि उत्पादकता, मध्यम फसल तीव्रता और कृषि ऋण की औसत से कम उपलब्धता जैसी चुनौतियां मौजूद हैं।

24,000 करोड़ रुपए की लागत वाली इस योजना का उद्देश्य छह प्रमुख क्षेत्रों में सुधार के जरिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इनमें कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना, सिंचाई ढांचे में सुधार, अल्पकालिक और दीर्घकालिक कृषि ऋण तक पहुंच बढ़ाना तथा प्रशासन और सेवा वितरण को मजबूत करना शामिल है।

योजना की पहली वर्षगांठ पर आयोजित राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में इन छह उद्देश्यों से जुड़े उत्कृष्ट कार्यों के लिए देश के 18 जिलों को सम्मानित किया गया।

गुजरात के कच्छ, दाहोद, छोटा उदयपुर और पंचमहल जिले इस योजना के अंतर्गत शामिल हैं। पहले ही वर्ष में इनमें से तीन जिलों का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

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Created On :   13 Oct 2026 12:05 AM IST

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