संविधान खतरे में है, इसलिए पूरा देश सड़कों पर आया, महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला

संविधान खतरे में है, इसलिए पूरा देश सड़कों पर आया, महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर बोला हमला
महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। नसीम खान, नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार और अन्य नेताओं ने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही, लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है और जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।

नई दिल्ली, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। नसीम खान, नाना पटोले, विजय वडेट्टीवार और अन्य नेताओं ने कहा कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का पालन नहीं कर रही, लोकतंत्र और संविधान पर हमला हो रहा है और जनता की आवाज को दबाया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह लड़ाई सिर्फ पार्टी की नहीं, बल्कि देश, लोकतंत्र और संविधान को बचाने की है और इसके लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश को एकजुट होना होगा।

महाराष्ट्र कांग्रेस नेता नसीम खान ने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय को यह बात सुननी चाहिए, क्योंकि सरकार बार-बार उसका भी अपमान कर रही है। दो दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया था कि लोकतंत्र में लोग धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई हुई। आपने देखा कि किस तरह से कार्रवाई की गई। देश के लोगों की आवाज को कुचलने और दबाने की कोशिश हो रही है। सरकार के इशारे पर सारी एजेंसियां काम कर रही हैं, चाहे वह पुलिस विभाग हो, चुनाव आयोग हो या केंद्र की अन्य एजेंसियां, सभी सत्ता का दुरुपयोग कर रही हैं।"

उन्होंने कहा, "सवाल आज केवल कांग्रेस पार्टी का नहीं है, सवाल देश को बचाने का है, देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने का है। आज वह लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। इसलिए राहुल गांधी ने कहा है कि राजनीति से ऊपर उठकर देश को बचाने की इस लड़ाई में सभी लोग शामिल हों। पूरे देश में चाहे युवा हों या वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं हों या युवतियां, सभी सड़कों पर हैं। आखिर क्यों हैं?"

कांग्रेस नेता ने कहा, "सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही धरना-प्रदर्शन नहीं कर रही है, पूरे देश के लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। भाजपा सरकार रोज सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की धज्जियां उड़ा रही है। सर्वोच्च न्यायालय हमारे देश की सबसे बड़ी संस्था है, देश के संविधान की रक्षा की जिम्मेदारी उसी की है और सभी को उम्मीद है कि वह अपनी इस जिम्मेदारी को निभाएगा।"

उन्होंने कहा, "कल सर्वोच्च न्यायालय ने जिस तरह का आदेश दिया था, उस आदेश का भी पालन नहीं हो रहा है। आज भी मेट्रो बंद है, आज भी गाड़ियां रोकी जा रही हैं, आज भी जगह-जगह कार्रवाई हो रही है, बैरिकेडिंग लगाई गई है। तो ये क्या हो रहा है? इसीलिए गठबंधन के नेता राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गेऔर सभी नेता आज मिलना चाहते थे। उन्होंने समय मांगा था और जो प्रक्रिया है, उस प्रक्रिया के तहत मिलना चाहते थे।"

कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने कहा, "सुप्रीम कोर्ट का अधिकार है, सुप्रीम कोर्ट ने अगर मना किया है तो ठीक है, लेकिन हमारी जो इच्छा है, हम देख रहे हैं कि संविधान को तार-तार किया जा रहा है। नारा चल रहा है, बचेगा संविधान तो बचेगा हिंदुस्तान। ये आजाद भारत में मुझे लगता है पहली बार है कि संविधान पर इतना बड़ा हमला हो रहा है और ये हमला गोडसेवादी लोगों द्वारा हो रहा है।"

उन्होंने कहा, "गोडसेवादी लोग संविधान को हराना चाहते हैं, हम संविधान को बचाना चाहते हैं। इसीलिए आज राहुल गांधी ने अपील की है कि जो-जो गांधीवादी लोग हैं, जो संविधान को बचाने में रुचि रखते हैं, वे सभी एकजुट हों और एक सांकेतिक मार्च यानी एक शांति मार्च निकालें। हम एक अच्छा संदेश देना चाहते हैं कि संविधान खतरे में है और जब संविधान खतरे में होगा तो जनता को बाहर आना ही पड़ेगा, क्योंकि संविधान रचयिताओं ने कभी यह नहीं सोचा था कि लोकतंत्र पर तानाशाही हावी हो जाएगी।"

सीजेआई से मुलाकात को लेकर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा, "अगर मुलाकात को रिजेक्ट किया है तो दबाव के आधार पर किया है। पहले तो तैयार थे, दिनेश कुमार भी तैयार थे, फिर ये दबाव किसका है, किसके आधार पर सीजेआई भी आज ऐसा कर रहे हैं। दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा है कि सीजेआई ने कहा था कि जंतर-मंतर पर आंदोलन करने देना चाहिए, मंजूरी दी थी। अब इनके लिए तो सब मक्खी हो गए, कीड़े हो गए, कॉकरोच हो गए, लेकिन मुझे लगता है कि सीजेआई के कहने के बाद भी सरकार वहां आर्मी लगा रही है, आरएएफ लगा रही है, 50,000 पुलिस का बंदोबस्त कर रही है।"

उन्होंने कहा, "इसीलिए हम कहते हैं कि चोर की दाढ़ी में तिनका है और यह जो सत्ता है, वह चुनाव आयोग की कृपा से है। जितने भी राज्य बीजेपी के पास हैं, वो भी चुनाव आयोग की कृपा से हैं और मैं महाराष्ट्र का सबसे बड़ा उदाहरण दूंगा कि महाराष्ट्र में जब विधानसभा का चुनाव हुआ, लोकसभा चुनाव के बाद, तो चार महीने में 46 लाख वोट बढ़े। दूसरा यह कि 5 बजे के बाद जो वोटिंग हुई थी, उसका प्रतिशत घोषित नहीं किया गया था। दूसरे दिन दोपहर 3 बजे 10 प्रतिशत वोट बढ़ा दिए, 76 लाख वोट, 10 प्रतिशत बढ़ने से इतने वोट बढ़ गए।"

विजय वडेट्टीवार ने कहा, "सरकार डरी हुई है, इनको डर है। ये अंग्रेजों के साथ रहे हैं, ये अंग्रेजों की विचारधारा है, अंग्रेजों के तलवे चाटने वाली विचारधारा है। इस विचारधारा का काम क्या है, वो तो डिवाइड एंड रूल, ये तो अंग्रेजों से सीखा है। ये अंग्रेजों के साथ रहे, ये देश की स्वतंत्रता के विरोध में रहे। इनको जब भी देश में विपक्ष को खत्म करने का मौका मिलता है, तो ये उसका फायदा उठाते हैं।"

उन्होंने कहा, "जहां तक लोकतंत्र का सवाल है, हम संविधान के माध्यम से इस देश के लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं। हमारे आंदोलन को या युवाओं के आंदोलन को खत्म करने के लिए जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, उससे तो ऐसा लगता है कि आपका लोकतंत्र पर विश्वास ही नहीं है, आप हिटलर की तरह देश चलाना चाहते हैं। इसका यही अर्थ निकलता है और इसलिए आप कितना भी दबाओ, देश की जनता पूरी ताकत के साथ इस व्यवस्था को सुधारने के लिए राहुल गांधी के साथ खड़ी है और पूरी ताकत से खड़ी है।"

माणिकराव ठाकरे ने कहा, "राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के नेता जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं, संविधान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। संविधान में जो संस्थाएं हैं, संवैधानिक संस्थाएं हैं, उनको बचाने के लिए लड़ रहे हैं। आज चुनाव आयोग के माध्यम से जिस तरीके से बीजेपी वोट कटवा रही है, अपने वोट डलवा रही है, इस तरह से जो धांधली हुई है, वह संविधान ने जो अधिकार दिया है, उसे छीनने जैसा है। हम कहते हैं कि संविधान ने सबको एक मत का अधिकार दिया है। अगर संविधान का दिया हुआ वही अधिकार हमारे पास नहीं रहेगा तो फिर लोकतंत्र कहां बचेगा, संसदीय प्रणाली कहां बचेगी? इसी को बचाने के लिए, संविधान को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने बड़ी मजबूती के साथ यह आंदोलन चलाया है।"

बालासाहेब थोरात ने कहा, "ये हम लोकतंत्र को बचाने के लिए कर रहे हैं, हम सब इसलिए आए हैं, यह एक ऐतिहासिक लड़ाई है। उन्हें तो सुनना चाहिए था। सर्वोच्च न्यायालय हमारे लिए न्याय मांगने की जगह है, आखिरी जगह है, तो हम उनसे न्याय मांग रहे हैं, उन्हें सुनना चाहिए था। जनता की पूरी आवाज भारतीय जनता पार्टी तक जानी चाहिए।"

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Created On :   13 Oct 2026 12:05 AM IST

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