त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जयशंकर ने संबंधों को मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग पर की चर्चा

त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जयशंकर ने संबंधों को मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग पर की चर्चा
त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला पर्सद-बिसेसर ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अपनी बैठक के दौरान भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।

संयुक्त राष्ट्र, 23 सितंबर (आईएएनएस)। त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री कमला पर्सद-बिसेसर ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अपनी बैठक के दौरान भारत के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए आर्थिक सहयोग पर चर्चा की।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "हमने अधिक आर्थिक सहयोग, व्यापार में वृद्धि और विकास परियोजनाओं के लिए एक्जिम बैंक से फंडिंग के जरिए टीएंडटी (त्रिनिदाद और टोबैगो)-भारत संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। हमारी पुरानी दोस्ती लगातार बढ़ रही है।"

वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने त्रिनिदाद की प्रधानमंत्री से मुलाकात पर खुशी जाहिर की। जयशंकर ने 'एक्स' पर लिखा कि उन्होंने "प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान की गई प्रतिबद्धताओं के क्रियान्वयन में हुई प्रगति पर ध्यान दिया।"

पिछले साल जुलाई में हुई यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिनिदाद के प्रमुख शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए 2,000 लैपटॉप देने, वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में हिंदी और भारतीय अध्ययन में अकादमिक पदों के पुनरुद्धार के लिए प्रावधान और 800 लोगों के लिए कृत्रिम अंग प्रदान करने पर सहमति जताई थी।

भारत ने त्वरित प्रभाव परियोजनाओं (क्यूआईपी) पर एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए, जिसके तहत नई दिल्ली को हर साल पांच परियोजनाओं के लिए 50,000 डॉलर देगी। एक अन्य समझौते के तहत भारत को विदेश मंत्रालय में बिजली उत्पादन के लिए एक सोलर फोटोवोल्टिक सिस्टम स्थापित करना था।

गौरतलब है कि त्रिनिदाद में भारतीय मूल के लगभग 575,000 लोग रहते हैं, जो कैरेबियन देश की आबादी का लगभग 42 प्रतिशत हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हुई जब त्रिनिदाद 1845 में भारतीय प्रवासियों के त्रिनिदाद और टोबैगो आगमन की 180वीं वर्षगांठ मना रहा था।

इससे पहले मई में, विदेश मंत्री एस जयशंकर की कैरेबियन देश की दो दिवसीय यात्रा के दौरान भारत और त्रिनिदाद व टोबैगो ने पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा और आयुर्वेद सहित विभिन्न क्षेत्रों में आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच त्रिनिदाद और टोबैगो के विदेश और सीएआरआईकॉम मामलों के मंत्रालय के भवन को सौर ऊर्जा संयंत्रीकरण, वेक्टर नियंत्रण, नेल्सन द्वीप के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और वेस्ट इंडीज विश्वविद्यालय में आयुर्वेद पर एक भारतीय चेयर स्थापित करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।

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Created On :   23 Sept 2026 9:36 AM IST

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