'ऑपरेशन सुपरचार्ज' के तहत अमेरिका और जापान के बीच एएमआरएएएम मिसाइल असेंबली प्लांट की सहमति

ऑपरेशन सुपरचार्ज के तहत अमेरिका और जापान के बीच एएमआरएएएम मिसाइल असेंबली प्लांट की सहमति
अमेरिका और जापान के बीच 'ऑपरेशन सुपरचार्ज' के तहत जापान में एएमआरएएएम मिसाइल असेंबली प्लांट लगाने पर सहमति बनी है। टोक्यो की ओर से इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मित्र देशों के बीच मिसाइल उत्पादन के लिए एक 'युगांतरकारी' कदम बताया गया है।

वाशिंगटन, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका और जापान के बीच 'ऑपरेशन सुपरचार्ज' के तहत जापान में एएमआरएएएम मिसाइल असेंबली प्लांट लगाने पर सहमति बनी है। टोक्यो की ओर से इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मित्र देशों के बीच मिसाइल उत्पादन के लिए एक 'युगांतरकारी' कदम बताया गया है।

जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस समझौते की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा 'आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस' के दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के साथ मुलाकात के बाद की।

शिंजिरो कोइजुमी ने कहा, "हम आखिरकार जापान में एएमआरएएएम एयर-टू-एयर मिसाइल के लिए एक फाइनल असेंबली और इंस्पेक्शन फैसिलिटी स्थापित करने पर सहमत हो गए हैं। यह मिसाइल एफ-35 विमान के लिए बहुत जरूरी है। यह एक युगांतरकारी समझौता है, जो न केवल जापान और अमेरिका, दोनों की जरूरत के उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा, बल्कि जापान के रक्षा उद्योग आधार को भी मजबूत करेगा।"

जापान के रक्षा मंत्री की ओर से जानकारी दी गई कि दोनों पक्ष एसएम-3 ब्लॉक टू-ए के उत्पादन को बढ़ाने के लिए जरूरी तकनीकी जानकारी साझा करने पर भी सहमत हुए हैं। एसएम-3 ब्लॉक टू-ए एक जहाज-आधारित बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर है, जिसे दोनों देशों ने मिलकर विकसित किया है।

जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ये दोनों कदम "ऑपरेशन सुपरचार्ज" का हिस्सा हैं। कोइजुमी ने सबसे पहले 30 मई को सिंगापुर में हेगसेथ के साथ अपनी मुलाकात के दौरान यह प्रस्ताव रखा था। इसका उद्देश्य 'एसएम-3 ब्लॉक टू-ए और एएमआरएएएम जैसी मिसाइलों के संयुक्त विकास और उत्पादन सहित द्विपक्षीय प्रयासों में तेजी लाना' है।

हेगसेथ और कोइजुमी की मुलाकात के बारे में पेंटागन की ओर से जारी बयान में एएमआरएएएम सुविधा का कोई जिक्र नहीं है। इसमें कहा गया है कि हेगसेथ ने "जापान द्वारा अपनी रक्षा औद्योगिक क्षमता को मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत किया, और दोनों नेताओं ने महत्वपूर्ण हथियारों के उत्पादन पर करीबी तालमेल बनाए रखने का संकल्प लिया।"

बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा क्षेत्र में अधिक निवेश, पहुंच और उपस्थिति बढ़ाने, लाइव-फायर अभ्यास सहित व्यावहारिक प्रशिक्षण, और 'फर्स्ट आइलैंड चेन' में रक्षा के लिए 'डिस्ट्रिब्यूटेड ऑपरेशंस' पर चर्चा की।

कोइजुमी ने जापानी औद्योगिक साझेदार, प्लांट की जगह, समय-सीमा या संभावित उत्पादन क्षमता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। आरटीएक्स की रेथियॉन द्वारा बनाई गई एएमआरएएएम मिसाइल को एफ-35 जैसे लड़ाकू विमानों और जमीन पर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम से दागा जाता है। सितंबर में, पेंटागन ने रेथियॉन को 20.7 अरब डॉलर तक का बहुवर्षीय एएमआरएएएम अनुबंध दिया; इससे पहले हुए एक समझौते के तहत हर साल कम से कम 1,900 मिसाइलों का उत्पादन किया जाना है।

जापान में लगने वाला यह प्लांट, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हथियारों के संयुक्त उत्पादन को बढ़ाने की अमेरिका की व्यापक कोशिशों का एक नया कदम है। इस क्षेत्र में, वाशिंगटन और उसके सहयोगियों ने चीन की बढ़ती सैन्य ताकत को लेकर चिंता जताई है। जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मई में हुई बैठक में कोइजुमी और हेगसेथ ने ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और फिलीपींस के साथ सहयोग करने पर भी चर्चा की थी।

हाल के वर्षों में जापान ने रक्षा उपकरणों के निर्यात से जुड़े अपने नियमों में ढील दी है। मई में कोइजुमी ने हेगसेथ को इन बदलावों के बारे में जानकारी दी थी।

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