आईडीबीआई बैंक विनिवेश पर सियासी घमासान, वित्त मंत्री सीतारमण ने राहुल गांधी के आरोपों का किया पलटवार

आईडीबीआई बैंक विनिवेश पर सियासी घमासान, वित्त मंत्री सीतारमण ने राहुल गांधी के आरोपों का किया पलटवार
आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार के आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने देश के औद्योगिक विकास के लिए आईडीबीआई जैसे संस्थानों की स्थापना की थी, जबकि मौजूदा सरकार लाभ में चल रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बेच रही है।

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर केंद्र सरकार के आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने के फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने देश के औद्योगिक विकास के लिए आईडीबीआई जैसे संस्थानों की स्थापना की थी, जबकि मौजूदा सरकार लाभ में चल रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बेच रही है।

वहीं, अब इसके जवाब में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और कहा कि एनडीए सरकार ने आईडीबीआई बैंक को संकट से निकालकर पुनर्जीवित किया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में बैंकों और वित्तीय संस्थानों का कई बार राजनीतिक प्रभाव में इस्तेमाल किया गया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कई पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के दबाव में बैंकों से ऋण मंजूर करवाने की घटनाएं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि आईडीबीआई बैंक को भी कांग्रेस शासन के दौरान ऐसे बड़े कारोबारी समूहों को ऋण देने के लिए मजबूर किया गया, जिनके राजनीतिक संबंध थे, और बाद में यही ऋण गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) में बदल गए।

सीतारमण ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा, "एनडीए सरकार ने पेशेवर प्रबंधन, विवेकपूर्ण नीतियों और 25,000 करोड़ रुपए से अधिक के पुनर्पूंजीकरण के जरिए आईडीबीआई बैंक को पुनर्जीवित किया। बैंक अब विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है और इसके रणनीतिक पुनर्गठन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार की गई है।" उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवाल तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और सरकार पहले ही इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है।

वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि अब बैंकिंग व्यवस्था में "फोन बैंकिंग" और प्रभाव के आधार पर ऋण देने का दौर समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि आज आम लोगों को ऋण तक अधिक आसान पहुंच उपलब्ध है और बैंक कर्मचारियों पर राजनीतिक दबाव डालकर ऋण मंजूर कराने जैसी प्रथाओं को खत्म किया जा चुका है।

इससे पहले, राहुल गांधी ने आईडीबीआई बैंक कर्मचारियों को लिखे पत्र में कहा था कि पिछले वर्ष संसद भवन में उनसे मिले कर्मचारियों ने पूछा था कि जब बैंक मुनाफे में है तो उसे क्यों बेचा जा रहा है।

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सात साल पहले घाटे में चल रहा आईडीबीआई बैंक अब 9,000 करोड़ रुपए से अधिक का मुनाफा कमा रहा है और इस बदलाव का श्रेय बैंक कर्मचारियों को जाता है। राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के पास फिलहाल बैंक की करीब 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जो प्रस्तावित बिक्री के बाद घटकर 34 प्रतिशत रह जाएगी।

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि निजीकरण के बाद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण प्रावधानों के साथ कर्मचारियों की सेवा शर्तों पर भी असर पड़ सकता है। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस मजबूत सार्वजनिक क्षेत्र में विश्वास रखती है और सार्वजनिक बैंक केवल परिसंपत्तियां नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के उपकरण हैं।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :  

Tags

Next Story