वैगई बांध का जलस्तर बढ़ा, तमिलनाडु के पांच जिलों में पेयजल संकट की आशंका टली

वैगई बांध का जलस्तर बढ़ा, तमिलनाडु के पांच जिलों में पेयजल संकट की आशंका टली
तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से के पांच जिलों के लिए पेयजल और सिंचाई का प्रमुख स्रोत वैगई बांध का जलस्तर पिछले कुछ सप्ताह में बढ़ा है। इससे संभावित पेयजल संकट की आशंका फिलहाल टल गई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने का निर्णय अभी नहीं लिया जा सकता है।

मदुरै, 12 जुलाई (आईएएनएस)। तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्से के पांच जिलों के लिए पेयजल और सिंचाई का प्रमुख स्रोत वैगई बांध का जलस्तर पिछले कुछ सप्ताह में बढ़ा है। इससे संभावित पेयजल संकट की आशंका फिलहाल टल गई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि सिंचाई के लिए पानी छोड़े जाने का निर्णय अभी नहीं लिया जा सकता है।

थेनी जिले के अंडीपट्टी के पास स्थित 71 फीट ऊंचा वैगई बांध थेनी, डिंडीगुल, मदुरै, शिवगंगा और रामनाथपुरम जिलों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराता है। इस वर्ष जून में शुरू हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा, जिसके कारण बांध में पानी की आवक कम हो गई थी और जल उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

पिछले महीने बांध का जलस्तर घटकर केवल 20 फीट रह गया था, जिससे इन पांच जिलों में गंभीर पेयजल संकट की आशंका पैदा हो गई थी। जल भंडारण में कमी के कारण मौजूदा कृषि सीजन में सिंचाई को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई थी।

हालांकि, मुल्लापेरियार बांध के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई मध्यम बारिश के बाद स्थिति में सुधार आया। वहां जलप्रवाह बढ़ने पर अधिकारियों ने 300 क्यूसेक पानी वैगई बांध में छोड़ा, जिससे जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, वैगई बांध का जलस्तर अब बढ़कर 34 फीट पहुंच गया है, जो पिछले महीने की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान जल भंडारण अगले दो महीनों तक पांचों जिलों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त है। इसके साथ ही तत्काल पेयजल संकट का खतरा भी टल गया है।

हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बांध में अभी इतना पानी नहीं है कि नियमित रूप से सिंचाई के लिए जल छोड़ा जा सके। सामान्य परिस्थितियों में जून महीने में मदुरै और डिंडीगुल के कुछ हिस्सों में पहली सिंचाई के लिए वैगई बांध से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इस वर्ष जलस्तर पर्याप्त नहीं होने के कारण ऐसा संभव नहीं दिख रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का फैसला आने वाले दिनों में होने वाली बारिश और बांध में पानी की आवक पर निर्भर करेगा। यदि जलग्रहण क्षेत्रों में अच्छी बारिश होती है और जलस्तर में और वृद्धि होती है, तभी सरकार सिंचाई के लिए पानी छोड़ने पर विचार करेगी। फिलहाल सरकार की प्राथमिकता पांचों जिलों के लिए पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

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Created On :   12 July 2026 11:23 AM IST

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