उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह का करेंगे नेतृत्व
हैदराबाद, 16 सितंबर (आईएएनएस)। हैदराबाद मुक्ति दिवस के मौके पर गुरुवार को सिकंदराबाद परेड ग्राउंड में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। इस साल के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति होंगे और वे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की परेड की सलामी लेंगे।
इस कार्यक्रम में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जी. किशन रेड्डी, बंदी संजय कुमार और अन्य नेता शामिल होंगे। कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
बता दें कि 17 सितंबर 1948 को तत्कालीन हैदराबाद रियासत को भारतीय संघ में शामिल किया गया था। केंद्र सरकार लगातार पांचवें साल हैदराबाद मुक्ति दिवस का आयोजन कर रही है।
पिछले कुछ सालों की तरह इस बार भी केंद्र और तेलंगाना सरकार अलग-अलग थीम के साथ इस दिन को मनाएंगी।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी हैदराबाद के पब्लिक गार्डन में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे। लगातार तीसरे साल राज्य सरकार इसे 'तेलंगाना प्रजा पालन दिनोत्सव' (जन शासन दिवस) के रूप में मना रही है। राज्य के मंत्री, सरकारी सलाहकार और प्रमुख प्रतिनिधि सभी 32 जिला मुख्यालयों में आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और सलामी लेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों, शहरी स्थानीय निकायों और ग्राम पंचायतों में भी तिरंगा फहराया जाएगा।
पहले भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सरकार ने 2022 और 2023 में 17 सितंबर को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया था। दिसंबर 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस ने इसे 'प्रजा पालन दिनोत्सव' के रूप में मनाने का फैसला किया।
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 2022 में 17 सितंबर को हैदराबाद में समारोहों का आयोजन शुरू किया था। 2024 में केंद्र की भाजपा सरकार ने 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया और गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसमें कहा गया कि 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के 13 महीने बाद तक हैदराबाद को आजादी नहीं मिली थी और वह निजाम के शासन में बना रहा।
2022 और 2023 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद मुक्ति दिवस समारोह में तिरंगा फहराया था। 2024 में केंद्रीय कोयला और खान मंत्री किशन रेड्डी ने समारोह का नेतृत्व किया, जबकि 2025 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि थे।
भाजपा लंबे समय से 17 सितंबर को हैदराबाद मुक्ति दिवस के रूप में आधिकारिक तौर पर मनाने की मांग करती रही है। पहले अविभाजित आंध्र प्रदेश और बाद में तेलंगाना में पार्टी सरकार से आधिकारिक समारोह आयोजित करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करती थी।
हालांकि, मुस्लिम संगठनों की आपत्तियों के कारण लगातार सरकारों ने आधिकारिक समारोह से परहेज किया, जिनका दावा था कि 'ऑपरेशन पोलो' के नाम से मशहूर 'पुलिस एक्शन' के नाम पर नरसंहार हुआ था।
हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम और अन्य दलों ने इस आधार पर समारोहों का कड़ा विरोध किया कि पूरे भारत का एक ही स्वतंत्रता दिवस है। भाजपा पर इस मुद्दे को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 2023 में 17 सितंबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया था। एआईएमआईएम ने भी अपनी रणनीति बदलते हुए इसे राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया।
पिछले साल मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्रियों अमित शाह, गजेंद्र सिंह शेखावत, किशन रेड्डी और केंद्रीय राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार को हैदराबाद की धरती पर लोकतंत्र के आगमन की वर्षगांठ मनाने के लिए 'प्रजा पालन दिनोत्सव' में शामिल होने का न्योता दिया था। हालांकि, भाजपा नेताओं ने निमंत्रण ठुकरा दिया था। किशन रेड्डी ने लिखा था कि वे 'एक ऐसी निष्ठाहीन रस्म का हिस्सा नहीं बन सकते जो लोगों से सच्चाई को मिटाने का खुला प्रयास करती है।'
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   16 Sept 2026 3:12 PM IST












