वियतनाम राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा से व्यापार और सप्लाई चेन संबंधों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद

वियतनाम राष्ट्रपति तो लाम की भारत यात्रा से व्यापार और सप्लाई चेन संबंधों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का भारत दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और वियतनाम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और गहरा करने और विकास के लिए नया ढांचा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का भारत दौरा दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने वाला माना जा रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत और वियतनाम अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत सहयोग को और गहरा करने और विकास के लिए नया ढांचा तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

वियतनाम न्यूज की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।

2016 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित होने के बाद से दोनों देशों ने लगातार राजनीतिक भरोसा मजबूत किया है और व्यावहारिक सहयोग को भी विस्तार दिया है।

द्विपक्षीय व्यापार इस संबंध का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। वियतनाम के उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय के अनुसार, 2016 में 5.4 अरब डॉलर का व्यापार 2025 में बढ़कर रिकॉर्ड 16.46 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

यह तेजी 2026 में भी जारी रही है, जहां पहले ही तिमाही में व्यापार 4.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल आधार पर 28 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी दर्शाता है।

भारत को वियतनाम के निर्यात में इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कृषि उत्पाद जैसे मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेस्ड सामान प्रमुख हैं, जबकि भारत से वियतनाम को टेक्सटाइल मटेरियल, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स और स्टील का निर्यात होता है, जो वहां के उत्पादन और निर्यात ढांचे को समर्थन देता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों अर्थव्यवस्थाएं अब एक-दूसरे के पूरक बनती जा रही हैं। जहां भारत कच्चे माल, दवाइयों और सॉफ्टवेयर में मजबूत है, वहीं वियतनाम मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक व्यापार नेटवर्क में आगे है।

यह पूरकता दोनों देशों को सीधे प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़ाकर सप्लाई चेन एकीकरण और उत्पादन साझेदारी को मजबूत करने में मदद कर रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग बेस में विविधता लाने के बीच भारत और वियतनाम क्षेत्रीय सप्लाई चेन के पुनर्गठन में अहम भूमिका निभाने की दिशा में खुद को स्थापित कर रहे हैं।

निवेश संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय कंपनियां वियतनाम के 20 से अधिक प्रांतों और शहरों में प्रोजेक्ट्स चला रही हैं।

वहीं, वियतनामी कंपनियां भी भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही हैं, जिसमें विंग्रुप का तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव शामिल है।

नई सहयोग संभावनाएं भी उभर रही हैं। टेक्सटाइल और फुटवियर जैसे क्षेत्र औद्योगिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बनते जा रहे हैं, जिन्हें वैश्विक सप्लाई चेन में बदलाव और दोनों देशों की पूरक ताकतों का समर्थन मिल रहा है।

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Created On :   5 May 2026 3:41 PM IST

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