तेलंगाना कैबिनेट से हटाए जाने पर विधायक कोंडा सुरेखा बोलीं, कांग्रेस नहीं छोडूंगी

तेलंगाना कैबिनेट से हटाए जाने पर विधायक कोंडा सुरेखा बोलीं, कांग्रेस नहीं छोडूंगी
अनुशासनहीनता के मामले में तेलंगाना मंत्रिमंडल से इसी महीने हटाई गईं कोंडा सुरेखा ने रविवार को साफ कर दिया कि वे और उनके पति कोंडा मुरली कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद कभी महत्वपूर्ण नहीं रहे और वे चाहते हैं कि लोग उन्हें हमेशा याद रखें।

हैदराबाद, 13 सितंबर (आईएएनएस)। अनुशासनहीनता के मामले में तेलंगाना मंत्रिमंडल से इसी महीने हटाई गईं कोंडा सुरेखा ने रविवार को साफ कर दिया कि वे और उनके पति कोंडा मुरली कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद कभी महत्वपूर्ण नहीं रहे और वे चाहते हैं कि लोग उन्हें हमेशा याद रखें।

कोंडा सुरेखा और कोंडा मुरली वारंगल में अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा कोंडा सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था।

उनके खिलाफ कार्रवाई तब हुई, जब उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता ने सार्वजनिक कार्यक्रमों और सोशल मीडिया के जरिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कुछ कांग्रेस नेताओं पर तीखी टिप्पणियां की थी। उन्होंने रेवंत रेड्डी द्वारा कांग्रेस विधायक रेवुरी प्रकाश रेड्डी के समर्थन पर सवाल उठाए और खुद पारकल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी।

इस पर आपत्ति जताते हुए तेलंगाना कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कोंडा सुरेखा को कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके जवाबी में सुरेखा ने कहा कि उनकी बेटी बालिग और स्वतंत्र वयस्क है और उसके बयानों के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कांग्रेस हाईकमान ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना और फिर उनके खिलाफ कार्रवाई हो गई।

कोंडा सुरेखा ने कहा कि उन्हें मंत्रिमंडल से हटाए जाने का दुख नहीं है, लेकिन जिस वजह से उन्हें हटाया गया, उससे वे आहत हैं। विधायक सुरेखा ने अवसरवादी राजनीति पर चिंता जताते हुए कहा, "मैं मंडल परिषद अध्यक्ष (एमपीपी) के पद से आगे बढ़कर मंत्री बनी हूं। कुछ लोग हर दिन पार्टी बदलते रहते हैं।"

उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी के लिए उन्होंने मंत्री पद तक छोड़ दिया था। सुरेखा ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उन्हें टिकट से वंचित करने के लिए साजिश रची थी।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने उन्हें वारंगल पूर्व सीट से टिकट दिया था और उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) उम्मीदवार के रूप में कांग्रेस के तत्कालीन मंत्री को हराया था।

सुरेखा ने 2018 में कांग्रेस का दामन थामा और 2023 में इसी सीट से कांग्रेस टिकट पर चुनाव जीता। उन्होंने कहा कि उनकी जीत की वजह से वारंगल पूर्व के लोग शांति से रह रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोग उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने के विरोध में आंदोलन की योजना बना रहे थे, लेकिन उन्होंने समर्थकों को पार्टी हाईकमान के फैसले का सम्मान करने की सलाह दी।

कोंडा सुरेखा ने स्पष्ट किया कि मंत्री पद चले जाने के बाद वह घर नहीं बैठेंगी, बल्कि जनता के बीच रहकर काम करती रहेंगी और आगामी वारंगल नगर निगम चुनावों में अधिकतम सीटें जीतने का प्रयास करेंगी।

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Created On :   13 Sept 2026 8:28 PM IST

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