मराठा आंदोलन: कूच पर अड़े जरांगे, सरकार को 8 दिन की मोहलत, 15 सितंबर को सुबह 11 बजे निकलने का ऐलान, 19 से मुंबई में अनशन की चेतावनी

कूच पर अड़े जरांगे, सरकार को 8 दिन की मोहलत, 15 सितंबर को सुबह 11 बजे निकलने का ऐलान, 19 से मुंबई में अनशन की चेतावनी
  • जांच से नहीं झुकूंगा, आंदोलन रोकने की कोशिश हुई तो भाजपा के खिलाफ जाने पर विचार
  • मराठवाड़ा के मराठों को कुणबी प्रमाणपत्र देने का जीआर जारी करने की मांग

डिजिटल डेस्क, शहागड/अंबड. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवाली सराटी में आमरण अनशन कर रहे मनोज जरांगे ने रविवार को मुंबई कूच का ऐलान दोहराया। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर की सुबह 11 बजे मुंबई के लिए रवाना होंगे और शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। सरकार को मांगों पर निर्णय लेने के लिए आठ दिन की मोहलत दी गई है। समाधान नहीं होने पर 19 सितंबर से मुंबई में भी अनशन शुरू करने की चेतावनी उन्होंने दी। जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार को मराठा समाज के सवालों से अधिक वोटों की चिंता है। अपने करीबी सहयोगियों की जांच को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जांच से डरकर वे झुकने वाले नहीं हैं। जांच जारी रही तो ईडी कार्यालय के घेराव की चेतावनी भी दी। आंदोलन के दौरान जान को खतरा होने की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि मराठा समाज के लिए संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।

मुंबई आंदोलन की अनुमति मांगी

जरांगे ने कहा कि मुंबई में आंदोलन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी गई है। वे कानून का सम्मान करते हैं और आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन को लेकर हो रहे विरोध पर उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना गलत नहीं है।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले पर निशाना साधते हुए जरांगे ने कहा कि आंदोलन रोकने की कोशिश हुई तो भाजपा के खिलाफ जाने का फैसला लिया जाएगा। वहीं, संजय राऊत की आलोचना पर अपनी गाली-गलौज वाली भाषा को लेकर उन्होंने खेद जताया और कहा कि किसी को बुरा लगा हो तो वे अपने शब्द वापस लेते हैं।

राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील पर निशाना साधते हुए जरांगे ने मराठवाड़ा के मराठों को कुणबी प्रमाणपत्र देने संबंधी जीआर जारी करने की मांग की। अमृता फडणवीस के बयान पर उन्होंने नरम रुख अपनाते हुए कहा कि भाईदूज का उनका निमंत्रण स्वीकार है और उनके प्रति कोई बैर नहीं है।

जरांगे ने स्पष्ट किया कि अंतरवाली सराटी में उनका अनशन जारी रहेगा और मुंबई पहुंचने के बाद वहां भी अनशन किया जाएगा। उन्होंने मुंबई नहीं पहुंच पाने वाले समाज के लोगों से भी शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन के समर्थन में उतरने की अपील की।

Created On :   13 Sept 2026 9:01 PM IST

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