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मराठा आरक्षण: जरांगे का अनशन छठे दिन भी जारी, सरकार से बातचीत में कई मांगों पर बनी सहमति, 8 सितंबर को जारी होगा ओबीसी सुविधाओं से जुड़ा जीआर

Ambad/ Shahgarh News. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे पाटील का अनशन गुरुवार को छठे दिन भी जारी रहा। शाम को राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने जरांगे पाटील और आंदोलनकारियों से मुलाकात कर विभिन्न मांगों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, प्रसाद लाड और उदय सामंत शामिल थे। चर्चा के दौरान सरकार ने कई मांगों पर सकारात्मक रुख जताते हुए उनके क्रियान्वयन का आश्वासन दिया। हालांकि, सभी मांगें पूरी तरह मंजूर होने तक आंदोलन जारी रखने की भूमिका जरांगे ने स्पष्ट की।
बैठक के बाद जरांगे पाटील ने मराठा समाज से शुक्रवार से कुणबी प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हैदराबाद गजट के आधार पर पात्र लोगों को संख्या के अनुसार प्रमाणपत्र मिलना चाहिए। प्रमाणपत्र देने के साथ उसकी वैधता भी महत्वपूर्ण है। वर्तमान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में वंशावली की मांग की गई है, जिसे लेकर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि सरकार ने रिश्तेदारी, रक्त संबंध और गोत्र के आधार पर प्रमाणपत्र देने को मंजूरी दी है।
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जरांगे ने कहा कि उन्हें अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं है और यह उनका अंतिम अनशन भी हो सकता है। इसलिए मांगें पूरी होने तक वे अनशन समाप्त नहीं करेंगे। हालांकि, सरकार के आग्रह पर उन्होंने पानी पीना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि मराठा समाज के न्याय के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
5 सितंबर तक कुणबी रिकॉर्ड का काम पूरा करने का आश्वासन
सरकार की ओर से 5 सितंबर तक कुणबी रिकॉर्ड से संबंधित काम पूरा करने की बात कही गई है। अब तक मिले करीब 58 लाख कुणबी रिकॉर्ड को डिजिटल करने की प्रक्रिया जारी है। पात्र नागरिकों को ग्राम पंचायत स्तर पर प्रमाणपत्र देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही हैदराबाद गजट के आधार पर प्रमाणपत्र के लिए आवेदन भी स्वीकार किए जाएंगे।
प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, अब तक 30 लाख डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं।
8 सितंबर को ओबीसी सुविधाओं से संबंधित जीआर
ओबीसी सुविधाओं से संबंधित शासन निर्णय (जीआर) 8 सितंबर को जारी करने की बात सरकार ने कही है। वहीं, 10 सितंबर तक मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद अन्य मांगों पर निर्णय लेकर संबंधित जीआर जारी किए जाने का आश्वासन दिया गया।
जाति पड़ताल की वजह से प्रभावित विद्यार्थियों की फीस सरकार द्वारा भरने का भी आश्वासन दिया गया है। मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मंत्रालय में स्वतंत्र कक्ष स्थापित किया गया है। साथ ही संबंधित उपसमिति की बैठक प्रत्येक मंगलवार को आयोजित की जा रही है।
हालांकि, सरकार के आश्वासनों के बावजूद जरांगे पाटील ने स्पष्ट किया कि सभी मांगों पर ठोस निर्णय और उनका क्रियान्वयन होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
Created On :   4 Sept 2026 10:58 AM IST










