अनशन जारी रहेगा: मुंबई में 50 लाख मराठों को जुटाने के लिए अंतरवाली सराटी से आंदोलन की नई रणनीति, जरांगे ने कहा - जैसे भी हो, 12 सितंबर तक पहुंचो

मुंबई में 50 लाख मराठों को जुटाने के लिए अंतरवाली सराटी से आंदोलन की नई रणनीति, जरांगे ने कहा - जैसे भी हो, 12 सितंबर तक पहुंचो
  • मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा
  • गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन पर उठे सवालों का जवाब

Jalna News. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे ने आगामी 12 सितंबर को मुंबई में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर मराठा समाज से बड़ी संख्या में मुंबई पहुंचने की अपील की है। अंतरवाली सराटी में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए जरांगे ने कहा कि समाज के लोग आज से ही अपनी सुविधा के अनुसार अगले 12 दिनों में मुंबई पहुंचकर ठहरने की व्यवस्था करें। उन्होंने अंतरवाली सराटी में अनावश्यक भीड़ जमा नहीं करने की अपील करते हुए कहा कि अब आंदोलन की तैयारी मुंबई में करनी है। जरांगे ने मराठा समाज के लोगों से मुंबई में अपने रिश्तेदारों, मित्रों और परिचितों के यहां ठहरने की व्यवस्था करने का आह्वान किया। उन्होंने आंदोलनकारियों को आझाद मैदान और मुख्यमंत्री के निवास वर्षा बंगले की ओर नहीं जाने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि उनके मुंबई पहुंचने के बाद आंदोलन की अगली दिशा तय की जाएगी।

जरांगे ने कहा कि मुंबई में बड़ी संख्या में मराठा परिवार रहते हैं। आंदोलन के लिए 5 लाख से लेकर 50 लाख तक मराठा युवाओं के मुंबई पहुंचने की अपेक्षा उन्होंने जताई। आंदोलनकारियों को अनुशासन बनाए रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान पुलिस के साथ किसी भी प्रकार का विवाद न किया जाए। यदि पुलिस किसी आंदोलनकारी को थाने बुलाती है तो वहां जाकर सहयोग किया जाए। उन्होंने आंदोलन को शांतिपूर्ण और अनुशासित रखने की अपील की।

मांगें पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा

अपने अनशन को लेकर जरांगे ने स्पष्ट किया कि मराठा समाज की प्रमुख मांगों के क्रियान्वयन के बाद ही आंदोलन को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ चर्चा के लिए उनके दरवाजे खुले हैं, लेकिन वे सरकार के दरवाजे पर जाकर चर्चा नहीं करेंगे। बातचीत अंतरवाली सराटी में ही होनी चाहिए। मुंबई में आंदोलन के स्वरूप को लेकर उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी वहां रुकेंगे, सोकर रहेंगे और भरपेट भोजन करेंगे। मुंबईवासियों को होने वाली संभावित परेशानी के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे की आड़ में मराठा समाज के आंदोलन को कमजोर नहीं किया जा सकता।

गणेशोत्सव के दौरान आंदोलन पर उठे सवालों का जवाब

गणेशोत्सव के दौरान मुंबई में आंदोलन किए जाने को लेकर हो रही आलोचना पर जरांगे ने कहा कि मराठा समाज भी गणेशोत्सव पूरे उत्साह से मनाता है और उसे गणेशोत्सव की परंपरा के बारे में किसी से सीखने की जरूरत नहीं है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए जरांगे ने सवाल किया कि यदि मराठा समाज से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, तो पिछले तीन वर्षों से उनकी मांगों का समाधान क्यों नहीं हुआ। उन्होंने प्रमाणपत्र और न्यायालयीन प्रक्रिया को लेकर भी सरकार से सवाल किए।

जाति प्रमाणपत्र और जाति सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर उन्होंने छगन भुजबल पर भी तीखी टिप्पणी की। जरांगे ने सवाल किया कि जब तहसीलदार और संबंधित अधिकारी दस्तावेजों की जांच करने के बाद प्रमाणपत्र जारी करते हैं, तो बाद में जाति सत्यापन समितियों की भूमिका क्यों सामने आती है। उन्होंने जाति सत्यापन समितियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।

Created On :   1 Sept 2026 6:52 PM IST

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