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आदेश पारित: एनजीटी ने जालना स्टील फैक्ट्री बॉयलर विस्फोट मामले का निपटारा किया, 22 कामगार हुए थे घायल

New Delhi News. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) पश्चिमी क्षेत्र पीठ, पुणे के न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह एवं डॉ. सुजित कुमार बाजपेयी की अध्यक्षता में, मूल आवेदन संख्या 181/2024 (डब्ल्यू जेड) में जालना, महाराष्ट्र में स्टील फैक्ट्री में हुए बॉयलर विस्फोट से संबंधित मामले में आदेश पारित किया। विस्फोट में 22 कामगार घायल हुए थे। मामले में प्रभावित कामगारों और उनके परिवारों को मुआवजे का निर्धारण शामिल था।
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पीठ ने एनजीटी अधिनियम, 2010 की धारा 17 की समीक्षा की और पाया कि यदि मुआवजा पहले ही वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट, 1923 के तहत दिया जा चुका है, तो एनजीटी अधिनियम के तहत कोई अतिरिक्त मुआवजा आवश्यक नहीं है। पुष्टि की गई कि सभी प्रभावित कामगारों और मृतक कामगारों के वारिसों को पहले ही वर्कमैन कंपनसेशन एक्ट के तहत मुआवजा मिल चुका है, इसलिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाएगा।
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एनजीटी ने पाया कि परियोजना प्रबंधक और डीआईएसएच सहित प्रतिवादियों ने सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। एनजीटी ने गीले या खतरनाक स्क्रैप सामग्री को हटाने,कामगारों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा पर्दे और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण, नियमित सुरक्षा ऑडिट और कार्यस्थल की सफाई का निर्देश दिया। साथ ही विद्युत आपूर्ति विफलता से बचने के लिए बैकअप और मैग्नेटिक ट्रांसफर का भी निर्देश दिया।
Created On :   8 April 2026 5:53 PM IST












