मराठा आरक्षण: अंतरवाली सराटी में तनाव, ओबीसी आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, कार्रवाई के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी

अंतरवाली सराटी में तनाव, ओबीसी आंदोलनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, कार्रवाई के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी
  • आंदोलन की अनुमति नहीं थी, पुलिस के समझाने पर भी नहीं माने
  • वडीगोद्री में मराठा आंदोलकों का हाईवे पर रास्ता रोको, कुछ देर थमा यातायात

Ambad News. अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच सोमवार को ओबीसी आंदोलकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आंदोलन और मंच के लिए अनुमति नहीं होने के बावजूद आंदोलक वहां डटे हुए थे। पुलिस ने उन्हें आंदोलन स्थगित करने और स्थान बदलने का अनुरोध किया, लेकिन उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद सोमवार सुबह पुलिस ने कुछ आंदोलकों को हिरासत में लिया। कार्रवाई के दौरान आंदोलकों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे के नेतृत्व में मराठा आरक्षण आंदोलन जारी है। आंदोलन स्थल से कुछ दूरी पर ओबीसी समाज की ओर से भी आंदोलन शुरू किया गया था। मंगेश ससाणे, विठ्ठल तलेकर और सतीश कुलाल ने अनशन शुरू किया था। दोनों आंदोलनों का स्थान एक ही सड़क पर होने से कानून-व्यवस्था और यातायात प्रभावित होने की आशंका थी। इसे देखते हुए गोंदी पुलिस ने रविवार को ही आंदोलकों को नोटिस जारी कर आंदोलन हटाने का निर्देश दिया था।

पुलिस द्वारा आंदोलकों को हटाए जाने के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। एड. मंगेश ससाणे ने आरोप लगाया कि सरकार मनोज जरांगे का आंदोलन समाप्त कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जरांगे को आंदोलन के लिए उकसा रही है।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी, कुछ देर प्रभावित रहा धुलिया-सोलापुर महामार्ग का यातायात

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सोमवार शाम जालना जिले के वडीगोद्री में मराठा आंदोलकों ने धुलिया-सोलापुर राष्ट्रीय महामार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया। अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे का आंदोलन दसवें दिन भी जारी रहा। सरकार की ओर से मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिए जाने से नाराज आंदोलकों ने हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। रास्ता रोको के कारण महामार्ग पर कुछ देर यातायात प्रभावित रहा।

जरांगे से मिले दानवे, आंदोलन स्थगित करने का आग्रह

विधायक अंबादास दानवे ने सोमवार को अंतरवाली सराटी पहुंचकर मराठा आंदोलक मनोज जरांगे से मुलाकात की। उन्होंने जरांगे से आंदोलन स्थगित करने का आग्रह किया। दानवे ने कहा कि जरांगे की मांगों पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

दानवे ने हैदराबाद गजट को लेकर भी सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि 55 लाख रिकॉर्ड मिलने के बावजूद प्रमाणपत्र जारी नहीं किए गए हैं। यदि रिकॉर्ड में परिवार के किसी सदस्य के कुणबी होने का उल्लेख मिलता है, तो संबंधित व्यक्ति से अलग से सबूत मांगने की जरूरत क्यों है, यह सवाल भी उन्होंने उठाया।

Created On :   7 Sept 2026 9:49 PM IST

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