तबीयत बिगड़ी: जरांगे के तेवर तल्ख - उदय सामंत, शिरसाट और शिंदे पर साधा निशाना, बोले - 12 तक हल नहीं तो मुंबई का रास्ता खुला

जरांगे के तेवर तल्ख - उदय सामंत, शिरसाट और शिंदे पर साधा निशाना, बोले - 12 तक हल नहीं तो मुंबई का रास्ता खुला
  • अंतरवाली सराटी में 9-10 सितंबर को शराबबंदी
  • तबीयत बिगड़ी, डॉक्टरों की सलाह पर सलाइन लेकर भी सरकार पर साधा निशाना
  • सरकार पर आंदोलन कमजोर करने और समाज में टकराव की साजिश का आरोप
  • डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की दी सलाह, जरांगे ने नहीं दी सहमति

डिजिटल डेस्क, अंबड/शहागड. मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अंतरवाली सराटी में मनोज जरांगे का अनशन बुधवार को 12वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के 12वें दिन जरांगे के तेवर और तल्ख हो गए। उन्होंने सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि 12 सितंबर तक आरक्षण से जुड़े मुद्दों का ठोस समाधान नहीं हुआ तो मराठा समाज के लिए मुंबई जाने का रास्ता खुला रहेगा। जरांगे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री उदय सामंत और संजय शिरसाट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि छत्रपति संभाजीनगर में बैठकर आंदोलन के दौरान दंगा कराने और मराठा समाज में आपसी टकराव पैदा करने की साजिश रची जा रही है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित नेताओं का पक्ष उपलब्ध नहीं हो पाया है।

संयम नहीं, आरक्षण पर जवाब दें

मंत्री उदय सामंत के संयम बरतने के बयान पर जरांगे ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार संयम की बात करने के बजाय मराठा आरक्षण, हैदराबाद गजट और प्रमाणपत्रों से जुड़े मुद्दों पर अपना रुख स्पष्ट करे। उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत करना चाहती है तो वे तैयार हैं, लेकिन मांगों को टालने के लिए चर्चा स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी भाषा को मुद्दा बनाकर आरक्षण के मूल सवाल से ध्यान भटकाया जा रहा है।

तबीयत बिगड़ी, सलाइन लेकर की प्रेस कॉन्फ्रेंस

12वें दिन अनशन के चलते जरांगे की तबीयत बिगड़ गई। बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे डॉक्टरों ने उनकी जांच कर उपचार की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने सलाइन और उपचार लेते हुए पत्रकारों से बातचीत की। जरांगे ने दोहराया कि मांगों का समाधान हुए बिना आंदोलन वापस लेने का सवाल ही नहीं है।

अंतरवाली में दो दिन शराबबंदी, प्रशासन अलर्ट

आंदोलन में बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। अंतरवाली सराटी के गोंदी पुलिस थाना क्षेत्र में 9 और 10 सितंबर को शराब की बिक्री पूरी तरह बंद रखने के आदेश जिलाधिकारी आशिमा मित्तल ने जारी किए हैं। जरांगे की समयसीमा और सरकार के अगले कदम के बीच आंदोलन की आगे की दिशा तय होगी। समाधान नहीं निकलने पर मुंबई कूच की चेतावनी से सरकार और प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है।

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डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की दी सलाह, जरांगे ने नहीं दी सहमति

मनोज जरांगे की सेहत को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला सामान्य अस्पताल और जिला स्वास्थ्य अधिकारी के अधीन मेडिकल टीमें 24 घंटे तैनात कर लगातार उनकी निगरानी कर रही हैं।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 8 सितंबर को जरांगे को सात बोतल आईवी फ्लूइड चढ़ाया गया। 9 सितंबर की दोपहर एक और बोतल सलाइन दी गई। इस तरह मंगलवार से अब तक कुल आठ बोतल आईवी फ्लूइड दिया जा चुका है। 8 सितंबर शाम 7.35 बजे हुई जांच में उनकी स्थिति सामान्य से मध्यम स्तर की पाई गई थी, जबकि बुधवार दोपहर की जांच में हालत स्थिर बताई गई।

अस्पताल में भर्ती होने से इनकार

लगातार अन्न-जल त्याग के कारण स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित गंभीर प्रभावों की जानकारी चिकित्सकों ने जरांगे को दी है। डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की सलाह भी दी, लेकिन उन्होंने अस्पताल जाने के लिए सहमति नहीं दी। मेडिकल टीमें अंतरवाली सराटी में ही आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध करा रही हैं। लगातार अनशन के 12वें दिन पहुंचने के कारण अब जरांगे की सेहत आंदोलन के साथ-साथ प्रशासन के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है।


Created On :   9 Sept 2026 8:53 PM IST

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