त्रिपुरा उपचुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका निर्णायक, छह उम्मीदवारों के बीच सत्ता की होड़
अगरतला, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तरी त्रिपुरा जिले के धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को होने वाले उपचुनाव में छह उम्मीदवारों की चुनावी किस्मत तय करने में महिला मतदाता निर्णायक भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं, क्योंकि महिला मतदाताओं की संख्या उनके पुरुष समकक्षों की तुलना में 1,374 अधिक है।
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में जारी की गई अंतिम मतदाता सूची में 23,758 महिला मतदाताओं की संख्या 22,384 पुरुष मतदाताओं से ज्यादा है।
मिली-जुली आबादी वाला धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र 2008 से ही कांग्रेस या भाजपा का गढ़ रहा है, सीपीआई (एम) ने यह सीट आखिरी बार 2003 में जीती थी।
धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में 9 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में कई पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। इस क्षेत्र की सीमाएं असम और मिजोरम से लगती हैं।
कुल मिलाकर, छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों, छोटे संगठनों और एक निर्दलीय उम्मीदवार के प्रत्याशी शामिल हैं, जिससे यह चुनावी लड़ाई बेहद प्रतिस्पर्धी बन गई है।
मुख्य उम्मीदवारों में सत्ताधारी भाजपा के जहार चक्रवर्ती, कांग्रेस के चयन भट्टाचार्य और सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चा के अमिताभ दत्ता शामिल हैं।
दत्ता, जिन्होंने 2003 के विधानसभा चुनावों में यह सीट जीती थी, वाम दल के पूर्व विधायक हैं। 59 वर्षीय जहार चक्रवर्ती वर्तमान में भाजपा के उत्तरी त्रिपुरा जिला उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।
इसके अलावा, 'हम बंगाली' पार्टी, एसयूसीआई और एक निर्दलीय उम्मीदवार भी इस उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
वाम मोर्चा और कांग्रेस ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा को संयुक्त रूप से चुनौती देने के लिए सीटों के बंटवारे का समझौता किया था, लेकिन इस उपचुनाव में वे अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और भी तेज हो गया है।
कांग्रेस नेता चयन भट्टाचार्य ने 2023 में धर्मनगर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वे भाजपा उम्मीदवार विश्व बंधु सेन से महज 956 वोटों के मामूली अंतर से हार गए थे।
यह उपचुनाव मौजूदा विधायक और त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष विश्व बंधु सेन के निधन के कारण जरूरी हो गया था। सेन का 26 दिसंबर, 2025 को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।
सेन चार बार त्रिपुरा विधानसभा के लिए, दो बार 2008 और 2013 में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर और बाद में 2018 और 2023 में उसी निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर, चुने गए थे। वोटों की गिनती 4 मई को होनी है। उपचुनाव के लिए एक महीने तक चला प्रचार अभियान मंगलवार दोपहर को समाप्त हो गया।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्जी, पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ वामपंथी नेता माणिक सरकार और सीपीआई(एम) के प्रदेश सचिव जितेंद्र चौधरी, साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य और पूर्व मंत्री सुदीप रॉय बर्मन और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष ए.के. साहा ने अपनी-अपनी पार्टियों के लिए जोरदार प्रचार किया।
चुनाव अधिकारियों और प्रदेश पुलिस ने यह सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो।
एक चुनाव अधिकारी ने बताया कि सभी मतदानकर्मी, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों और अन्य मतदान सामग्री के साथ, बुधवार को 55 मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। इन 55 मतदान केंद्रों में से 11 का प्रबंधन पूरी तरह से महिलाएं करेंगी, जबकि दो-दो केंद्रों का संचालन दिव्यांग कर्मचारी और युवा मतदानकर्मी करेंगे।
अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|
Created On :   8 April 2026 7:38 PM IST












