आईएफएफडी 2026 नंदमुरी बालकृष्ण को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, ‘भगवंत केसरी’ की स्पेशल स्क्रीनिंग

आईएफएफडी 2026  नंदमुरी बालकृष्ण को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, ‘भगवंत केसरी’ की स्पेशल स्क्रीनिंग
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण को दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (आईएफएफडी) 2026 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें भारतीय सिनेमा में पांच दशकों से अधिक समय तक दिए गए योगदान के सम्मान में प्रदान किया गया।

नई दिल्ली, 26 मार्च (आईएएनएस)। साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार नंदमुरी बालकृष्ण को दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (आईएफएफडी) 2026 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें भारतीय सिनेमा में पांच दशकों से अधिक समय तक दिए गए योगदान के सम्मान में प्रदान किया गया।

समारोह भारत मंडपम में आयोजित किया गया, जहां दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बालकृष्ण को यह सम्मान सौंपा। समारोह में फिल्म और सांस्कृतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

उन्होंने 50 वर्षों से लगातार तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री में सफलता हासिल की है और दर्शकों के बीच अपनी मजबूत जगह बनाई है। इस अवसर पर उनकी फिल्म ‘भगवंत केसरी’ की स्पेशल स्क्रीनिंग भी की गई। नंदमुरी बालकृष्ण को यह लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड अभिनय कला के प्रति उनके समर्पण, बहुमुखी प्रतिभा और सिनेमा में दिए गए अमूल्य योगदान के लिए दिया गया है। उन्होंने दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने और पुरस्कार मिलने पर खुशी जताई। साथ ही ‘भगवंत केसरी’ की स्क्रीनिंग को गर्व की बात बताया।

अनिल रविपुडी निर्देशित इस फिल्म ने 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में तेलुगु श्रेणी में ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म’ का पुरस्कार जीता था। स्क्रीनिंग में बालकृष्ण, निर्देशक अनिल रविपुडी और निर्माता साहू गारापाटी भी मौजूद रहे।

स्क्रीनिंग के बाद बालकृष्ण बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “सबसे पहले मैं अपने माता-पिता के चरणों में नमन करता हूं। उनके आशीर्वाद के बिना मैं इतना आगे नहीं पहुंच पाता। पिछले 50 वर्षों से मैं फिल्म इंडस्ट्री में लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहा हूं। गर्व के साथ कह सकता हूं कि किसी भी भाषा या इंडस्ट्री में ऐसा दूसरा नायक नहीं है जिसने 50 साल तक लगातार सफलता हासिल की हो।”

उन्होंने अपने पिता नंदामुरी तारक रामाराव की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पिता हमेशा महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काम करते थे। उन्होंने महिलाओं को पिता की संपत्ति में अधिकार दिलाने वाला कानून बनवाया और तिरुपति में पद्मावती विश्वविद्यालय की स्थापना की।

बालकृष्ण ने कहा कि वह पिता के आदर्शों को आगे बढ़ाते रहेंगे। बालकृष्ण को वर्ष 2025 में भारत सरकार ने कला और सिनेमा क्षेत्र में योगदान के लिए देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा था।

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Created On :   26 March 2026 11:41 PM IST

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