इंडी ब्लॉक का कुछ बचा नहीं, कभी चुनाव आयोग तो कभी पीएम का अपमान करते हैं शाइना एनसी

मुंबई, 31 अक्टूबर (आईएएनएस)। शिवसेना नेता और प्रवक्ता शाइना एनसी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 565 रियासतों को एकत्र कर भारत को एक सूत्र में पिरोया और उन्हें एकीकृत भारत का शिल्पकार कहा जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के माध्यम से उन्हें याद करने की मुहिम चलाई है। उन्होंने इंडिया ब्लॉक की रैली पर निशाना साधते हुए कहा कि इंडी ब्लॉक का कुछ बचा नहीं है, वो कभी चुनाव आयोग, कभी ईवीएम, कभी प्रधानमंत्री तो कभी सुप्रीम कोर्ट का अपमान करते हैं।
शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल वह व्यक्तित्व थे जिन्होंने 565 रियासतों को एकत्रित किया। 1200 दिनों में यह कार्य पूरा हुआ। भारत के इतिहास में युवा पीढ़ी को भी यह जानना चाहिए और जेन-जी को भी। उस परिप्रेक्ष्य में मुझे लगता है कि हर साल सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का उत्सव मनाया जाना चाहिए।
इंडिया ब्लॉक की बैठक को लेकर शिवसेना नेता और प्रवक्ता शाइना एनसी ने कहा कि इंडी ब्लॉक का कुछ बचा नहीं है। वो कभी चुनाव आयोग, कभी ईवीएम, कभी प्रधानमंत्री का अपमान और कभी सुप्रीम कोर्ट का अपमान करते हैं। इंडी गठबंधन के पास अब कुछ बचा नहीं है। वे यह भी नहीं समझते कि दिवाली का वातावरण है और व्यापारियों को कितना नुकसान हो रहा है। 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है। वे अपनी राजनीति करते रहें, हमें हमारा काम करने दीजिए।
आरएसएस को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उन्हें शायद पता नहीं है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मतलब क्या है और पिछले 100 वर्षों में संघ का क्या योगदान रहा है। शायद उन्होंने इसके बारे में पढ़ा भी नहीं। शायद उनको भी हाल्फ पैंट पहनकर देश को सर्वोपरि रखने की भावना समझनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी केवल बयानबाजी पर उतर आई है। जिस व्यक्ति को वे लगातार अपमानित कर रहे हैं, वह प्रधानमंत्री हैं। आपने उनकी माता के लिए, उनके पिता के लिए भी गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। अब बचा क्या है? 2029 में चौथी बार आपकी हार होगी।
किसानों को लेकर जिस तरह उद्धव ठाकरे की पार्टी आंदोलन करने वाली है, उस पर शिवसेना नेता ने कहा कि वे किसके लिए आंदोलन कर रहे हैं? हमारी सरकार ने ठान लिया है कि किसानों को 5000 रुपए मिलें और वह भी दिवाली के अवसर पर, ताकि किसी की दिवाली फीकी न रहे। हम सब सुख, शांति और समृद्धि चाहते हैं। शायद विपक्ष को भी उसी दृष्टि से सोचना चाहिए। अगर किसानों के लिए सही मायनों में कुछ करना है तो जमीनी स्तर पर काम कीजिए।
महायुति में अलगाव की अटकलों पर उन्होंने कहा कि महायुति में कोई अंतर नहीं है। हार-जीत होती रहती है। जब हार होती है तब विश्लेषण होता है और जब जीत होती है तब भी विश्लेषण होता है। हमारी विचारधारा हिंदुत्व के प्रति कटिबद्ध है और महाराष्ट्र तथा भारत को विकसित बनाने का जो सपना हमारे नेता एकनाथ शिंदे जी देखते हैं, हम उसी दिशा में काम कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर शिवसेना नेता ने कहा कि जहां भावना है, जहां पारदर्शिता है, जहां जवाबदेही है, वहां इस तरह के आरोप लगाना विपक्ष के डीएनए का हिस्सा है। हम अपना काम करते रहेंगे और लोगों को अपनी आस्था का पालन करने देंगे।
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