ईरान ने दी सैन्य जवाब की चेतावनी, अराघची का दावा-अब अमेरिकी घरों तक पहुंच रहा युद्ध का खर्च

ईरान ने दी सैन्य जवाब की चेतावनी, अराघची का दावा-अब अमेरिकी घरों तक पहुंच रहा युद्ध का खर्च
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के हमलों से तेहरान को भले ही नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस लड़ाई का असर अमेरिकी जनता के पॉकेट पर भी हो रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी सीजफायर को लेकर अब तक कोई बात नहीं बन पाई है। इस बीच रूस की तरफ से यह चेतावनी जारी की गई कि अगले कुछ घंटों या दिनों में अमेरिका और इजरायल ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अराघची भी बातचीत फेल होने पर अमेरिका के साथ सैन्य लड़ाई फिर से शुरू करने को तैयार हैं।

तेहरान, 17 मई (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के हमलों से तेहरान को भले ही नुकसान पहुंचा है, लेकिन इस लड़ाई का असर अमेरिकी जनता के पॉकेट पर भी हो रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी सीजफायर को लेकर अब तक कोई बात नहीं बन पाई है। इस बीच रूस की तरफ से यह चेतावनी जारी की गई कि अगले कुछ घंटों या दिनों में अमेरिका और इजरायल ईरान पर फिर से हमले शुरू कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अराघची भी बातचीत फेल होने पर अमेरिका के साथ सैन्य लड़ाई फिर से शुरू करने को तैयार हैं।

दोनों पक्षों में मैसेज के एक्सचेंज के बीच ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध से हुए नुकसान के बावजूद इस लड़ाई का असर अमेरिकी घरों पर भी पड़ रहा है।

ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने एक्स पर लिखा, "अमेरिकियों से कहा गया है कि उन्हें ईरान पर अपनी पसंद के युद्ध का बढ़ता खर्च उठाना होगा। गैस की कीमतों में बढ़ोतरी और स्टॉक मार्केट के बुलबुले को एक तरफ रख दें। असली दर्द तब शुरू होता है जब अमेरिका के कर्ज और मॉर्गेज रेट बढ़ने लगते हैं। ऑटो लोन की देनदारी पहले ही 30 से ज्यादा साल के सबसे ऊंचे लेवल पर है।" इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी वित्त बॉन्ड पर बढ़ती यील्ड की एक तस्वीर भी दिखाई।

अराघची ने अंदाजा लगाया कि यह दबाव जल्द ही उधार लेने की बढ़ती लागत में बदल जाएगा, जिससे संभावित मंदी आ सकती है।

वहीं लड़ाई की वजह से ईरान को हो रहे वित्तीय नुकसान की बात करें, तो यहां भी महंगाई तेजी से बढ़ रही है। ईरानी परिवारों के लिए खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के आखिर में फारसी कैलेंडर महीने में खाने के दाम 115 फीसदी तक पहुंच गए हैं। कई जरूरी चीजें जैसे खाना पकाने का तेल, चावल और चिकन की कीमत पिछले साल के मुकाबले तीन गुना बढ़ गई है।

हाल के हफ्तों में खाने, दवा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कारों और पेट्रो केमिकल प्रोडक्ट्स की कीमतें नई ऊंचाई पर पहुंच गई हैं।

ईरानी अर्थव्यवस्था पर इस लड़ाई का साफ असर देखने को मिल रहा है। शनिवार को तेहरान के खुले बाजार में रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 1.8 मिलियन पर था। यह इस महीने की शुरुआत में दर्ज किए गए अब तक के सबसे निचले लेवल के करीब है।

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Created On :   17 May 2026 2:31 PM IST

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