आईआरजीसी का दावा इजरायली ठिकानों पर दागी 40 मिसाइलें, बहरीन में अमेरिकी बेस को हुआ बड़ा नुकसान

आईआरजीसी का दावा इजरायली ठिकानों पर दागी 40 मिसाइलें, बहरीन में अमेरिकी बेस को हुआ बड़ा नुकसान
ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमलों की 17वीं लहर शुरू करने का दावा किया। स्थानीय मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि उनकी ग्राउंड फोर्स ने ईरान के खिलाफ इजरायली-यूएस हमलों का जवाब 3 बड़े अभियानों से दिया। बुधवार को इजरायल पर 40 मिसाइलें दागी गईं।

तेहरान, 4 मार्च (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रेवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बुधवार को अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर हमलों की 17वीं लहर शुरू करने का दावा किया। स्थानीय मीडिया ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि उनकी ग्राउंड फोर्स ने ईरान के खिलाफ इजरायली-यूएस हमलों का जवाब 3 बड़े अभियानों से दिया। बुधवार को इजरायल पर 40 मिसाइलें दागी गईं।

बुधवार को ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के एक और चरण की घोषणा करते हुए, आईआरजीसी के प्रवक्ता ने कहा कि इजरायली-यूएस के संयुक्त हमलों के तुरंत बाद, उसकी ग्राउंड फोर्स ने कब्जे वाली ज़मीनों और इलाके में यूएस बेस पर 230 से ज्यादा ड्रोन दागे थे।

बयान में कहा गया, "एरबिल और कुवैत में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर दर्जनों ड्रोन दागे गए।"

आईआरजीसी ने दावा किया कि ईरानी जवाबी हमलों की एक नई लहर ने बहरीन में एक बड़े यूएस एयर बेस को कमजोर कर दिया है; हमलों में कमांड सेंटर तबाह हो गए।

यूनाइटेड नेशंस के चार्टर के आर्टिकल 51 का ज़िक्र करते हुए, कहा कि ईरान को अमेरिका या इज़राइली सरकार के "हमले के कामों" से खुद का बचाव करने का कानूनी अधिकार है।

इस बीच बुधवार को खामेनेई के बेटे मोजतबा को देश का सर्वोच्च नेता चुन लिए जाने की घोषणा की गई। तसनीम न्यूज एजेंसी के अनुसार ईरान की विशेषज्ञ सभा ने उन्हें इस पद के लिए नियुक्त किया। शनिवार को तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के दिन ही सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत ईरान के कई शीर्ष कमांडर्स की मौत हो गई थी।

ईरान इंटरनेशनल की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, यह चयन शक्तिशाली आईआरजीसी के दबाव में किया गया। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान युद्ध स्थिति के कारण विशेषज्ञ सभा की पूर्ण बैठक संभव नहीं हो पाई, इसलिए फैसला आभासी बैठकों और आंतरिक परामर्श के जरिए लिया गया।

रिपोर्ट कहती है कि उनका इस पद के लिए चुना जाना राजनीतिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है। इसकी वजह यह है कि कुछ ही दिन पहले अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में उनके पिता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इन हमलों के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और टकराव बढ़ गया है।

तेहरान में बुधवार रात 12 बजे (भारतीय समयानुसार) से ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की याद में तीन दिनों का शोक सभा कार्यक्रम भी शुरू होगा। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, लोग तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में इकट्ठा होकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

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Created On :   4 March 2026 2:23 PM IST

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