जब आरडी. बर्मन ने परवीन सुल्ताना की आवाज पर जताया भरोसा, 'हमें तुमसे प्यार कितना' बन गया अमर गीत

जब आरडी. बर्मन ने परवीन सुल्ताना की आवाज पर जताया भरोसा, हमें तुमसे प्यार कितना बन गया अमर गीत
भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में परवीन सुल्ताना ने अपने सुर से अलग पहचान बनाई। उन्होंने फिल्मों के लिए ज्यादा गीत नहीं गाए, लेकिन जो भी गाए, उनमें उनकी शास्त्रीय संगीत की गहराई साफ दिखाई दी। फिल्म 'कुदरत' का गीत 'हमें तुमसे प्यार कितना' उनकी ऐसी ही यादगार प्रस्तुतियों में शामिल है, जिसे संगीतकार आर. डी. बर्मन ने उनकी खास आवाज और शास्त्रीय पकड़ को ध्यान में रखते हुए चुना था।

मुंबई, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में परवीन सुल्ताना ने अपने सुर से अलग पहचान बनाई। उन्होंने फिल्मों के लिए ज्यादा गीत नहीं गाए, लेकिन जो भी गाए, उनमें उनकी शास्त्रीय संगीत की गहराई साफ दिखाई दी। फिल्म 'कुदरत' का गीत 'हमें तुमसे प्यार कितना' उनकी ऐसी ही यादगार प्रस्तुतियों में शामिल है, जिसे संगीतकार आर. डी. बर्मन ने उनकी खास आवाज और शास्त्रीय पकड़ को ध्यान में रखते हुए चुना था।

परवीन सुल्ताना का जन्म 10 जुलाई 1950 को असम के नलबाड़ी जिले में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव संगीत की तरफ था। जब उनकी उम्र करीब पांच साल थी, तभी से उन्होंने संगीत की शिक्षा और रियाज शुरू कर दिया था। जब उनकी उम्र के दूसरे बच्चे खेलते थे, तब वह रियाज करती थीं। उनके पिता ने उन्हें मेहनत और अनुशासन का पाठ पढ़ाया।

महज 12 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया। इसके बाद उन्होंने संगीत की बारीकियां सीखने के लिए कई गुरुओं से शिक्षा ली। उन्होंने चिन्मय लहरी जैसे संगीत गुरुओं से प्रशिक्षण लिया और आगे चलकर उस्ताद दिलशाद खान से भी संगीत की गहराई को समझा। धीरे-धीरे उनकी आवाज और गायकी ने शास्त्रीय संगीत के बड़े मंचों पर अपनी जगह बना ली।

परवीन सुल्ताना पटियाला घराने की प्रमुख गायिकाओं में शामिल हुईं। उन्होंने फिल्मों में बहुत कम गीत गाए, लेकिन उनके गाए गीत हमेशा यादगार रहे। फिल्म 'कुदरत' साल 1981 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म के लिए संगीत आर. डी. बर्मन ने दिया था। कहा जाता है कि आर. डी. बर्मन परवीन सुल्ताना की शास्त्रीय संगीत पर पकड़ और उनकी आवाज की ताकत से प्रभावित थे। उन्होंने 'हमें तुमसे प्यार कितना' गीत के फीमेल वर्जन के लिए परवीन सुल्ताना की आवाज चुनी। यह गीत इतना लोकप्रिय हुआ कि आज भी संगीत प्रेमियों के बीच खास जगह रखता है।

इस गीत के लिए परवीन सुल्ताना को फिल्मफेयर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने फिल्म 'दो बूंद पानी' के लिए 'पीतल की मेरी गगरी', फिल्म 'पाकीजा' का गीत 'कौन गली गयो श्याम' और फिल्म 'गदर: एक प्रेम कथा' (2001) में उनका गाया 'आन मिलो सजना' जैसे कई गाने गाए।

परवीन सुल्ताना को संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई बड़े सम्मानों से नवाजा गया। साल 1976 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। इसके बाद साल 2014 में उन्हें पद्म भूषण दिया गया। उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित कई अन्य सम्मानों से भी सम्मानित किया गया।

अस्वीकरण: यह न्यूज़ ऑटो फ़ीड्स द्वारा स्वतः प्रकाशित हुई खबर है। इस न्यूज़ में BhaskarHindi.com टीम के द्वारा किसी भी तरह का कोई बदलाव या परिवर्तन (एडिटिंग) नहीं किया गया है| इस न्यूज की एवं न्यूज में उपयोग में ली गई सामग्रियों की सम्पूर्ण जवाबदारी केवल और केवल न्यूज़ एजेंसी की है एवं इस न्यूज में दी गई जानकारी का उपयोग करने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञों (वकील / इंजीनियर / ज्योतिष / वास्तुशास्त्री / डॉक्टर / न्यूज़ एजेंसी / अन्य विषय एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें। अतः संबंधित खबर एवं उपयोग में लिए गए टेक्स्ट मैटर, फोटो, विडियो एवं ऑडिओ को लेकर BhaskarHindi.com न्यूज पोर्टल की कोई भी जिम्मेदारी नहीं है|

Created On :   9 July 2026 6:21 PM IST

Tags

Next Story