जल जीवन मिशन की टंकी को पूर्व ऑपरेटर ने खुद कटवाया, ग्राम प्रधान को बदनाम करने की थी साजिश

जल जीवन मिशन की टंकी को पूर्व ऑपरेटर ने खुद कटवाया, ग्राम प्रधान को बदनाम करने की थी साजिश
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी से पानी गिरने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि टंकी में तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि पूर्व पंप ऑपरेटर ने अपने बेटे के साथ मिलकर टंकी के अंदर लगे पीवीसी लाइनर को काट दिया था।

बस्ती, 19 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के राजपुर भैरवा गांव में जल जीवन मिशन के तहत स्थापित पानी की टंकी से पानी गिरने के मामले में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि टंकी में तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि पूर्व पंप ऑपरेटर ने अपने बेटे के साथ मिलकर टंकी के अंदर लगे पीवीसी लाइनर को काट दिया था।

इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, 17 जून को राजपुर भैरवा गांव में जलापूर्ति के लिए स्थापित टंकी में पानी भरे जाने के दौरान अचानक पानी नीचे गिरने लगा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। प्रारंभिक तौर पर इसे टंकी फटने की घटना बताया गया, लेकिन जांच में तथ्य कुछ और ही सामने आए।

जांच में पता चला कि परियोजना में पंप ऑपरेटर के रूप में कार्यरत रहे प्रमोद शुक्ला को कुछ समय पहले लगातार शिकायतें मिलने के बाद पद से हटा दिया गया था। इससे नाराज होकर उसने कथित तौर पर ग्राम प्रधान और परियोजना को बदनाम करने की योजना बनाई। आरोप है कि उसने अपने बेटे निहाल की मदद से टंकी के भीतर लगे पीवीसी लाइनर को धारदार हथियार से कटवा दिया, जिससे पानी का दबाव बढ़ने पर लाइनर फट गया और पानी बाहर निकलने लगा।

स्थानीय ग्राम प्रधान प्रतिनिधि का कहना है कि घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत की छवि धूमिल करने और विकास कार्यों पर सवाल खड़े करने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची गई थी। उधर, मामले की जानकारी मिलने पर जल निगम (ग्रामीण) ने भी स्वतंत्र जांच कराई। टंकी का निर्माण करने वाली कंपनी वेदांटेक के इंजीनियर मनीष कुमार की जांच में पाया गया कि टंकी के अंदर स्थापित पीवीसी लाइनर को किसी धारदार वस्तु से क्षतिग्रस्त किया गया था।

रिपोर्ट में कहा गया कि पानी भरने के दौरान दबाव बढ़ने से क्षतिग्रस्त हिस्सा फट गया और पानी बाहर निकलने लगा। पुलिस ने जांच के आधार पर प्रमोद शुक्ला और उसके बेटे निहाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, जल निगम ग्रामीण ने जलापूर्ति प्रभावित न हो इसके लिए संबंधित एजेंसी मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को 24 घंटे के भीतर व्यवस्था बहाल करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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Created On :   19 Jun 2026 5:42 PM IST

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