जमानत पर बाहर आते ही फिर पकड़ना लोकतंत्र का मजाक, आजम खान की गिरफ्तारी पर भड़के अबू आसिम आजमी

मुंबई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के आजम खान की रिहाई के तुरंत बाद ईडी द्वारा दोबारा गिरफ्तारी पर सपा विधायक अबू आसिम आजमी ने यूपी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक केस में जमानत मिलते ही दूसरा केस लगाकर पकड़ना लोकतंत्र का मजाक और तानाशाही है।
अबू आसिम आजमी ने कहा, "आजम खान साहब एक बड़े नेता हैं, पढ़े-लिखे इंसान हैं। दस बार विधायक रह चुके हैं, मंत्री रह चुके हैं, सांसद रह चुके हैं। और उनके साथ उत्तर प्रदेश सरकार जिस तरह का व्यवहार कर रही है, मैं समझता हूं कि शायद आजाद हिंदुस्तान में किसी के साथ ऐसा नहीं हुआ होगा।"
उन्होंने कहा कि अगर उनके खिलाफ कुछ है, तो एक साथ सारे केस कर दो न, एक साथ कर दो। एक केस खत्म होगा, जमानत होगी, फिर पकड़ेंगे। फिर जमानत होगी, फिर पकड़ेंगे। एक-एक केस की वेटिंग करके जो इस तरह हो रहा है, यह बहुत ही गलत हो रहा है। मैं समझता हूं कि आजम खान के साथ बहुत ज्यादती हो रही है। ईडी को अगर कुछ करना था, तो पहले ईडी उन्हें नोटिस देती, उनसे सवाल-जवाब करती। जैसे ही बाहर निकले, वहीं बातचीत की और उठाकर लेकर चले गए। मतलब यह तो बिल्कुल लोकतंत्र का मजाक हो गया। तानाशाही हो चुकी है।
आजम खान के बयान पर सपा नेता ने कहा कि मुसलमानों को इस देश के संविधान में बराबर का हक है। इसी भारतवर्ष में फखरुद्दीन अली अहमद थे, डॉ. जाकिर हुसैन साहब थे और एपीजे अब्दुल कलाम साहब भी देश के राष्ट्रपति बने। बहुत सारे मुसलमान बड़ी-बड़ी पोस्टों पर थे और आज भी हैं, लेकिन आज जो ज़ुल्म-ज्यादती हो रही है, खास तौर से बीजेपी की सरकार में, जो पीडीए परिवार है, उसी पीडीए परिवार को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि खास तौर से मुसलमानों को निशाना बनाकर ये लोग गैर-मुसलमानों में बहुसंख्यक समाज को यह दिखाना चाहते हैं कि यही लोग इस देश पर जुल्म करते हैं, यही लोग गद्दार हैं, यही लोग मंदिरों को तोड़ने वाले हैं। झूठा इतिहास बनाकर ये लोग बेवकूफ बना रहे हैं। वरना मुसलमानों का इस देश में पूरा हक है और उसी संविधान को बचाना है। इसलिए अबकी बार 2027 और 2032 में इस सरकार को बदलना चाहिए।
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए अबू आजमी ने कहा कि नहीं-नहीं, फालतू बात है। मैं किसी एक आदमी से पूछूं, जो समाजवादी पार्टी को पसंद नहीं करता, उससे मैं पूछूं कि अगर अखिलेश यादव की सरकार आ जाएगी तो क्या चंदा चोरी होगा मंदिर में? क्या कोई मंदिर ध्वस्त होगा? क्या कोई मस्जिद ध्वस्त होगी? अखिलेश यादव की सरकार आएगी तो समाज के हर व्यक्ति के साथ बराबर का व्यवहार होगा और उसका उदाहरण 2012 से 2017 तक हो चुका है।
उन्होंने कहा कि यह किसानों की सरकार है। अगर समाजवादी पार्टी को देखा जाए तो यह मूल रूप से किसानों, नौजवानों, मजदूरों की सरकार है। समाज के दबे-कुचले लोग सरकार हैं, जो 90 फीसदी इस देश के अंदर हैं, लेकिन ये लोग झूठ बोलकर सत्ता में बैठ गए और सत्ता में बैठने के बाद इन्होंने जितनी भी सरकारी मशीनरी है, उसको पूरी तरह पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह इस्तेमाल किया है। इन लोगों ने देश के संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं। इसलिए इनको हटाना जरूरी है।
इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर सपा नेता ने कहा कि दिल्ली में सरकार बने, उत्तर प्रदेश में सरकार बने, तो यह सारी दूरियां, सारी समस्याएं ठीक हो जाएंगी। मैं बधाई देना चाहता हूं गठबंधन के तमाम नेताओं को कि कम-से-कम इन लोगों ने सड़क पर उतरना तो शुरू कर दिया। सड़क सुनसान होती है तो सांसें थम जाती हैं और जिंदा कौमें पांच साल इंतजार नहीं करतीं।
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