जम्मू-कश्मीर महिलाओं को सशक्त बनाने में 'उम्मीद' अहम, अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने से बदली जिंदगी

जम्मू-कश्मीर  महिलाओं को सशक्त बनाने में उम्मीद अहम, अनुच्छेद 370 और 35ए हटाने से बदली जिंदगी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के गांवों में ‘उम्मीद’ स्वयं-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की जिंदगी में बड़े बदलाव आए हैं। इस योजना ने उन्हें नई दिशा दी है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद की है। पिछले तीन वर्षों से वे बड़े पैमाने पर काम कर रही हैं। मसाले, मिर्च से बने उत्पाद और कई अन्य चीजें तैयार कर रही हैं।

जम्मू, 4 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के गांवों में ‘उम्मीद’ स्वयं-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की जिंदगी में बड़े बदलाव आए हैं। इस योजना ने उन्हें नई दिशा दी है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद की है। पिछले तीन वर्षों से वे बड़े पैमाने पर काम कर रही हैं। मसाले, मिर्च से बने उत्पाद और कई अन्य चीजें तैयार कर रही हैं।

5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाए जाने के बाद, भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास के गांवों में 'उम्मीद' स्वयं-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने कहा कि उनकी जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि इसने उन्हें एक नई दिशा दी है और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद की है।

महिलाओं ने बताया कि पिछले तीन वर्षों से वे बड़े पैमाने पर काम कर रही हैं और मसाले, मिर्च से बने उत्पाद और कई दूसरी चीजें बना रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार वोकल फॉर लोकल (स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने) की पहल को आगे बढ़ा रहे हैं और वे 'उम्मीद' के जरिए इस सोच में अपना योगदान दे रही हैं।

उनके अनुसार, अभी इस समूह से लगभग दस महिलाएं जुड़ी हुई हैं और हर सदस्य महीने में लगभग 20,000 रुपए कमाती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समूह की सालाना कमाई कई लाख रुपए तक पहुंच गई है।

आईएएनएस से बातचीत में इस योजना का लाभ उठाने वाली महिलाओं में से एक, सुषमा ने कहा कि भले ही वह 'उम्मीद' से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में असली बदलाव 5 अगस्त 2019 के बाद आया। सीमा के पास रहने वाले लोग अब ज्यादा आजादी और सुरक्षा महसूस करते हैं।

उन्होंने याद किया कि अनुच्छेद 370 और 35ए के हटने से पहले, वह अपनी बेटी के भविष्य के लिए 'लाडली योजना' का फायदा उठाना चाहती थीं, लेकिन ऐसा नहीं कर पाई थीं। संवैधानिक बदलावों के बाद, उन्हें वे फायदे मिल पाए, जिसे उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से मिला एक तोहफा बताया।

उन्होंने आगे कहा कि इस पहल से और भी कई महिलाएं जुड़ी हैं और पूरे उत्साह के साथ काम कर रही हैं, जबकि कई अन्य महिलाएं भी इसका हिस्सा बनने के लिए उत्सुक हैं।

अन्य महिलाओं ने भी कहा कि इससे जुड़कर वे अब अपने परिवारों की मदद कर पा रही हैं और बेहतर जिंदगी जी रही हैं। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को दिया और कहा कि उनकी सोच हमेशा से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने की रही है।

महिलाओं ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में रहने की चुनौतियों के बावजूद, वे अब बहुत बड़े पैमाने पर काम कर रही हैं, प्रदर्शनियों में हिस्सा ले रही हैं और अपने उत्पादों के जरिए इलाके का नाम रोशन कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि ये मौके प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई पहलों की वजह से ही मिल पाए हैं।

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Created On :   4 Aug 2026 9:57 PM IST

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