झारखंड में एसआईआर के नाम पर आदिवासियों-मूलवासियों के अधिकारों को हनन नहीं होने देंगेः सीएम हेमंत सोरेन

झारखंड में एसआईआर के नाम पर आदिवासियों-मूलवासियों के अधिकारों को हनन नहीं होने देंगेः सीएम हेमंत सोरेन
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा की उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एसआईआर के नाम पर किसी भी आदिवासी या मूलवासी के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

रांची, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी तापमान बढ़ रहा है। मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित झारखंड मुक्ति मोर्चा की उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि एसआईआर के नाम पर किसी भी आदिवासी या मूलवासी के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सोरेन ने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि विपक्ष इस प्रक्रिया को 'राजनीतिक हथियार' बनाकर षड्यंत्र रच सकता है, जिसे नाकाम करने के लिए संगठन को बूथ स्तर तक अभेद्य बनाना होगा।

मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा एसआईआर की आड़ में राजनीतिक लाभ लेने की फिराक में है। उन्होंने 12 जिलों से आए पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे पंचायत और प्रखंड स्तर पर विशेष अभियान चलाएं, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न हो पाए।

हेमंत सोरेन ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में केवल सरकार चलाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संगठन को इतना धारदार बनाना होगा कि वह हर प्रशासनिक और रणनीतिक चुनौती का मुंहतोड़ जवाब दे सके। जनगणना के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने माना कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि इस प्रक्रिया में अगर हमने सजगता के साथ भागीदारी सुनिश्चित नहीं की तो झारखंड के पिछड़े और वंचित वाजिब हक से वंचित हो सकते हैं।

सीएम ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों को जागरूक करें ताकि सामाजिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने वाली इस गणना में समाज के हर वर्ग की सही भागीदारी दर्ज हो सके।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात में संगठन की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है, इसलिए बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है।

उन्होंने नगर और महानगर इकाइयों को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच लगातार मौजूद रहने और सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया।

पार्टी की यह रणनीतिक बैठक दो चरणों में आयोजित हो रही है। पहले चरण में साहेबगंज, दुमका, गोड्डा, चाईबासा और सरायकेला सहित 12 जिलों के दिग्गज नेता शामिल हुए। दूसरे चरण की बैठक गुरुवार को आयोजित होगी, जिसमें राज्य के शेष 12 जिलों के नेता और पार्टी के पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक के पहले दिन मंच पर सांसद विजय हांसदा, जोबा मांझी और विधायक कल्पना सोरेन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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Created On :   21 April 2026 9:55 PM IST

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